वाशिंग्टन. प्रतिबंधों के बावजूद भारत की ईरान के साथ नजदीकियां अमेरिका को नागवार गुजर रही हैं। अमेरिकी सांसद ने ईरान पर प्रतिबंध के बाद भी भारत के संबंध बनाए रखने पर नाराजगी जाहिर की। हालांकि भारत में अमेरिकी राजनयिक बनने के लिए प्रस्तावित नेंसी पॉवेल ने कहा कि भारत भी एक परमाणु विहीन ईरान देखना चाहता है।
पॉवेल को मंगलवार को विदेशी नीति समीति के सामने अंतिम सुनवाई हुई। इस बैठक में पॉवेल ने कहा कि अमेरिका के राजदूत के रूप में दिल्ली में रहते हुए उनकी प्राथमिकता ईरान पर लगे प्रतिबंधों को लागू करवाना होगी।
वहीं सुनवाई के दौरान सांसद रॉबर्ट मेंनेंदेज ने कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे भारत अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर ईरान के साथ रिश्ते मजबूत कर रहा है। रॉबर्ट ने कहा कि ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के सख्ती से लागू होने के लिए जरूरी है कि भारत जैसे प्रजातांत्रिक राज्य इनका समर्थन करें और इन्हें लागू करने के लिए कदम उठाएं। चेतावनी भरे लहजे में रॉबर्ट ने यह भी कहा कि प्रतिबंधों को लागू करवाने के लिए अमेरिका सख्ती भी अख्तियार करेगा जिससे ईरान के साथ व्यापार करने वाली भारतीय कंपनियों को नुकसान हो सकता है।
हालांकि 64 वर्षीय पॉवेल ने रॉबर्ट मेंनेंदेज की नाराजगी पर सफाई देते हुए कहा कि भारत भी एक परमाणु शक्ति विहीन ईरान के पक्ष में है और दिल्ली में रहते हुए वो इस दिशा में काम करेंगी। गौरतलब है कि नेंसी पॉवेल का भारत में अमेरिका की नई राजदूत बनना लगभग तय है।
इस दौरान भारत के विदेश सचिव रंजन मथाई ने कहा कि भारत और ईरान के बीच तेल व्यापार में कमी आ रही है। मथाई ने अमेरिकी विदेश सचिव हिलैरी क्लिंटन से भी मुलाकात की।