मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर स्टीफन मिलनर ने संयोग से ऐतिहासिक दस्तावेज खोज निकाला। यह 500 साल पुराना एक गिरफ्तारी वारंट है, जो पुनर्जागरण के लिए कुख्यात तत्कालीन राजनीतिक विचारक निकोलो मैकियावेली के खिलाफ जारी किया गया था। मैकियावेली की गिरफ्तारी के लिए 1513 में घोषणा की गई थी, जो बाद में उसके पतन और मौत का कारण बनी।
प्रोफेसर स्टीफन फ्लोरेंस के आर्काइव्स में मुनादी करने वाले और घोषणा करने वालों के बारे में रिसर्च कर रहे थे। उन्होंने 1470 से लेकर 1530 तक जारी की गई सैकड़ों घोषणाओं के बारे में पढ़ा। स्टीफन ने कहा कि गिरफ्तारी वारंट को देखकर मैं खुश हो गया क्योंकि मैं समझ गया कि यह क्या है।
जब आप यह जानते हों कि यह दस्तावेज दुनिया के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक लेखक के पतन की निशानी है तो ऐसा अहसास होना स्वाभाविक है। ‘मैकियावेली’ और ‘ओल्ड निक’ टर्म शैतान के लिए तभी से प्रयोग किए जाने लगे, लेकिन इसके पीछे की परिस्थितियों को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
जब 1512 में मेडिसी परिवार फ्लोरेंस में वापस सत्ता में आया तो मैकियावेली को प्रतिद्वंद्वी समूह के साथ संबंध रखने के कारण उच्चन्यायालय में उसके पद से हटा दिया गया। इसके बाद मैकियावेली का नाम मेडिसी को उखाड़-फेंकने के षड्यंत्र में भी शामिल पाया गया।