बेरूत.सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के खिलाफ विद्रोह के गढ़ रहे प्रमुख शहर होम्स में सोमवार को सुबह सुरक्षा बलों की भीषण बमबारी में कम से कम 50 लोग मारे गए।
सीरिया की राष्ट्रीय परिषद की वरिष्ठ सदस्य कैथरीन अल टाली ने यहां बताया कि विभिन्न कार्यकर्ताओं द्वारा मिले आंकड़ों के मुताबिक सुबह से अब तक 50 लोग मारे गए हैं। इनमें ज्यादातर आम नागरिक हैं। उन्होंने कहा कि सीरियाई सरकार इस तरह से व्यवहार कर रही है जैसे कि यहां अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप हो ही नहीं सकता है। वह अपनी जनता की आवाज दबाने के लिए जबर्दस्त हिंसा का इस्तेमाल कर रही है।
मानवाधिकार संगठन के एक कार्यकर्ता ने बताया कि यह घटना हाल में हुई सर्वाधिक हिंसक घटनाओं में से एक है१ एक अन्य कार्यकर्ता ने बताया कि राष्ट्रपति बरार अल असद के वफादार सैनिकों ने हमले में कई राकेट लांचरों का इस्तेमाल किया है।
अरब सैटेलाइट टेलीविजन ने बमबारी की ताजा तस्वीरें प्रसारित की हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने बताया कि खालिदिया,बाबा आमरो,बयादा और बाब दरीब में भारतीय समयानुसार सुबह साढ़े पांच बजे शुरू की गयी इस बमबारी में 150 लोगों के घायल होने की भी खबर है।
उन्होंने बताया कि सेकंड भर के अंतराल पर राकेट दागे जा रहे थे। कार्यकर्ताओं ने बताया कि दमिश्क के पश्चिमोत्तर में स्थित शहर जबादानी में भी आज भारी बमबारी की गयी। लेबनान की सीमा से सटा यह शहर कई हफ्तों तक विद्रोहियों के कब्जे में था।
गौरतलब है कि सीरिया में कल ताजा हिंसा में 18 सैनिकों तथा सेना के छह भगौड़े सैनिकों सहित 48 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। दमिश्क में जब मारे गए लोगों को अंतिम विदाई देने के लिए लोग अपना शोक व्यक्त करने के लिए जमा हुए तभी सुरक्षा बलों ने उन पर गोली चलानी शुरू कर दी१ इस गोलीबारी में 12 नागरिकों की मौत हो गई है और 30 अन्य घायल हो गए है।
तुर्की सीमा के निकट इदलीब कस्बे में सुरक्षा बलों फायरिंग में छह लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि दमिश्क में दो नागरिकों की मौत हो गई है जबकि मोडामिए में एक बच्चे की हत्या कर दी गई है।
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