काहिरा. मिस्र में नए संविधान को जनमत संग्रह में मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही देश में इस्लामी शासन का रास्ता साफ हो गया है। जनमत संग्रह में कुल 32.9 फीसदी मतदाताओं ने हिस्सा लिया जिनमें से 63.8 प्रतिशत ने इसके पक्ष में मतदान किया।
मतदान दो चरणों में हुआ था। राष्ट्रपति मुर्सी के हस्ताक्षर के बाद बुधवार से यह लागू हो गया है। जनमत संग्रह के नतीजे मिस्र की सर्वोच्च निर्वाचन समिति के प्रमुख जस्टिस समीर अबू अल मत्ती ने की। उन्होंने कहा कि हमने सभी शिकायतों की जांच कर ली है।
आयोग द्वारा जारी नतीजे मुस्लिम ब्रदरहुड द्वारा जारी गैर सरकारी नतीजों से पूरी तरह मेल खाते हैं। मुबारक का तख्ता पलटने के बाद से यह पहला संविधान और इस्लामी विचारधारा की लगातार तीसरी जीत है।
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