मोहम्मद अली जिन्ना को पाकिस्तान का पितामाह कहा जाता है। रविवार को पूरे पाकिस्तान ने अपने कायदे आजम का 135वां जन्मदिवस मनाया। जिन्ना एक मॉडर्न मुसलमान थे। वो पश्चिमी सभ्यता से कितने प्रभावित थे यह बात उनकी लाइफस्टाइल में भी झलकती थी।
बात उस समय की है जब भारत और पाकिस्तान का बंटवारा नहीं हुआ था। जिन्ना भी अन्य नेताओं की तरह देश की आजादी के लिए संघर्ष कर रहे थे। इन्हीं दिनों उन्हें अपने से 24 साल छोटी लड़की से इश्क हो गया था।
जिन्ना की लव स्टोरी ने देशभर में हलचल मचा दी थी। जिन्नाह ने अपने पारसी मित्र की बेटी से शादी की थी।
हुआ कुछ यूं कि देश के अमीर परिवारों में शुमार सर दिनशॉ पेटिट जिन्नाह के करीबी मित्रों में से एक थे। पेटिट की बेटी रतनबाई एक फैशन में डूबी रहने वाली लड़की थी। जिन्ना का दिल उस पर आ गया। रतनबाई भी दिल ही दिल जिन्ना को चाहने लगी।
साल 1918 में जिन्ना और रतनबाई ने शादी कर ली। इस शादी से पारसी समाज और रतनबाई का परिवार बहुत नाराज हुआ था। लेकिन रतनबाई को इस बात की तनिक भी परवाह नहीं थी। उसने सभी बंधनों को तोड़ते हुए इस्लाम कुबूल कर लिया और रतनबाई से मरियम जिन्ना बन गई।
जिन्ना और रतनबाई की उम्र में 24 साल का अंतर था। शादी के समय जिन्ना 42 साल के थे और रतनबाई 18 साल की। जिन्ना अपनी रतनबाई को प्यार से रत्तो कहकर बुलाते थे।
यह जिन्ना की दूसरी शादी थी। जिन्ना की रतनबाई से एक बेटी भी थी।
जिन्ना की पहली शादी 1892 में हुई थी। तब वो महज 16 साल के थे और उनकी पत्नी एमीबाई महज 14 साल की थी। शादी के कुछ ही समय बाद एमीबाई का निधन हो गया था। इस सदमे से आहत जिन्नाह ने लंबे समय तक दूसरी शादी नहीं की।