नासा के मंगल मिशन को झटका
एजेंसी
| Aug 23, 2012, 10:34AM IST

वैसे नासा इस मिशन की बेहतरीन शुरुआत के बीच निराशा की इस खबर को अलग-थलग करके देख रहा है। इस मामले के प्रमुख जांचकर्ता जेवियर गोमेका एल्वीरा ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही इसका कोई हल निकाल लिया जाएगा। उन्होंने पत्रकारों को बताया, ‘हमारी कोशिश है कि ये सेंसर सर्किट जितना संभव हो उतना काम कर सकें।’ दो सप्ताह पहले ही क्यूरियोसिटी मंगल ग्रह के भूमध्यवर्ती गाले क्रेटर पर उतरा था।
क्यूरियोसिटी को मार्स साइंस लेबोरेटरी या एमएसएल के नाम से भी जाना जाता है। यह मंगल ग्रह पर कम से कम दो पृथ्वी वर्ष तक काम करेगा। इसका काम इस ग्रह पर सूक्ष्मजीव के रहने लायक परिस्थितियों के सबूत तलाश करना है। क्यूरियोसिटी के उतरने के बाद सभी चीजों की जांच-पड़ताल का काम करीब-करीब पूरा होने वाला है। इसमें उपकरणों की पड़ताल और उनका संचालन शामिल है और इसी पड़ताल में सेंसर सर्किट में समस्या का पता चला।
क्या करता है यह सेंसर
इस रोवर परियोजना में मौसम स्टेशन स्पेन का योगदान है। यह सेंसर सर्किट हवा और सतह का तापमान, हवा का दबाव, नमी, हवा की गति और दिशा के साथ-साथ सतह पर आने वाली पराबैगनी विकिरण की मात्रा के आंकड़े भी इकट्ठे करता है।
यह हुआ नुकसान
1. अभी यह निश्चित नहीं हो पाया है।
2. शक है कि क्यूरियोसिटी के मंगल पर उतरते समय वहां के पत्थर उछलकर सर्किट से टकरा गए होंगे।
3. जांच से पता चला है कि सेंसर सर्किट के कुछ तारों को नुकसान पहुंचा है। ये खुले हुए हैं। यह समस्या स्थायी है।






