एंटी सुसाइड स्प्रे के इस्तेमाल से खत्म हो जाएगी आत्महत्या की इच्छा

अवसादरोधी दवाओं का प्रयोग कोई नई बात नहीं हैं, लेकिन अमेरिकी सेना अब इसे एक नए रूप में इस्तेमाल करने पर विचार कर रही है। सैनिकों में बढ़ती अवसाद की समस्या को दूर करने के लिए अमेरिकी सेना एंटी-सुसाइड नेज़ल स्प्रे तैयार करने की योजना बना रही है। इसके लिए सेना द्वारा इंडियाना यूनिवर्सिटी को 3 मिलियन डॉलर की राशि भी दी गई है।
यह पहले ही साबित हो चुका है कि थाइकोट्रोपीन रिलीसिंग हार्मोन आत्महत्या की भावना को रोकने में सक्षम है। लेकिन समस्या यह है कि इस घटक को इंसान के मस्तिष्क तक कैसे पहुंचाया जाए। टीआरएच (थाइकोट्रोपीन रिलीसिंग हार्मोन) मनुष्य की आत्महत्या की इच्छा, अवसाद और बाईपोलर डिसॉर्डर को रोकने में सक्षम है। अभी तक इसे मस्तिष्क में पहुंचाने के लिए रीढ़ की हड्डी में इंजेक्ट किया जाता है। आत्महत्या के इच्छुक और अवसाद पीड़ित व्यक्ति आमतौर पर इस तरीके के लिए तैयार नहीं होते हैं।
नैनोपार्टिकल डिलीवरी सिस्टम के क्षेत्र में हुई एक महत्वपूर्ण खोज में यह मालूम चला है कि टीआरएच को मस्तिष्क में पहुंचाने के लिए नाक सबसे अच्छा और सुगम अंग है। इस प्रयोग को सफल बनाने के लिए अमेरिकी सेना ने इंडियाना यूनिवर्सिटी के डॉक्टर माइकल क्यूबेक को जिम्मेदारी सौंपी है। अगर यह स्प्रे सफल हो जाता है तो अवसादरोधी दवाई के रूप में काम करने वाला यह सबसे प्रभावी और तेज तरीका होगा।






