अमेरिका में जो गरीबी रेखा के नीचे हैं भारत में वे ‘सुपर रिच’ कहे जाएंगे। उन पर अलग से टैक्स भी लग सकता है। प्रणब सेन कमेटी ने 12.77 लाख रुपए सालाना आमदनी वाले लोगों को ‘सुपर रिच’ वर्ग में रखने का प्रस्ताव दिया है।
अमेरिका में 12 लाख रुपए सालाना आमदनी वाला परिवार गरीबी रेखा के नीचे आता है। वहां 2.16 करोड़ रुपए आमदनी वालों को ‘सुपर रिच’ माना जाता है। अमेरिकन कम्युनिटी सर्वे में यह तथ्य सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय मूल के 8.2 फीसदी लोग बीपीएल के दायरे में हैं। यानी करीब 2.62 लाख लोग।
हालांकि अन्य जातीय समूह की तुलना में भारतीय लोग कम गरीब हैं। पूरे अमेरिका में 4.27 करोड़ लोग गरीबी रेखा के नीचे हैं। वहां गरीबी दर का राष्ट्रीय आंकड़ा 14.7 प्रतिशत है। सबसे अधिक गरीबी कनेक्टिकट, डेलावेयर, हवाई, मेरीलैंड, नेवाडा, न्यूहैंपशायर, न्यूजर्सी, वर्जीनिया और साउथ कैरोलीना राज्य में है।
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