उसके नेता फतवा जारी करते हैं। पर इसी तालिबान के नेता अपनी बेटियों को स्कूल भेजते हैं। अफगानिस्तान में तालिबान लड़कियों के स्कूल को आए दिन निशाना बनाता है। लेकिन, उसके आकाओं की बच्चियां संयुक्त राष्ट्र की मदद से चलाए जा रहे स्कूलों में पढ़ रही हैं।
यह दावा संयुक्त राष्ट्र के एक शीर्ष अधिकारी ने किया है। अफगानिस्तान में 1998 से 2001 तक यूनिसेफ के प्रतिनिधि रहे लुइस जॉर्ज आर्सेनॉट ने वह कारण भी बताया है जिसके कारण तालिबान ने अपने शासन 1996 से 2001 तक के दौरान लड़कियों की शिक्षा के खिलाफ फतवे जारी किए।
तस्वीरों में जानें क्या तालिबान का सच...