पाकिस्तान बढ़ा रहा है परमाणु जखीरा
एजेंसी
| Dec 12, 2012, 08:50AM IST
वाशिंगटन। एक प्रमुख अमेरिकी विश्लेषक ने दावा किया है कि पाकिस्तान लगातार अपने परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ा रहा है। इसका नियंत्रण सेना के पास है। वह इसका राजनीतिक और सैनिक, दोनों प्रकार से इस्तेमाल कर सकती है। उन्होंने यह दावा भी किया कि युद्ध की स्थिति में परंपरागत भारतीय हथियारों का जवाब पाकिस्तान परमाणु हथियारों से दे सकता है।
पाकिस्तान की परमाणु रणनीति पर एक रिपोर्ट में माइकल क्रेपोन ने यह जानकारी दी है। वे कहते हैं कि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों का जखीरा भारत से आगे निकल जाएगा। पाकिस्तान में परमाणु हथियारों की जरूरतों की समीक्षा तभी होगी जब कोई नई सरकार सत्ता संभालेगी या भारत के साथ संबंध मधुर होंगे। इसके अनुसार, भारत के परमाणु हथियारों की संख्या गत एक दशक में बढ़कर 80-100 हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार भारत परमाणु हथियारों के राजनीतिक इस्तेमाल, संदेश वाहक के रूप में प्रयोग करने का विचार रखता है। इन्हें युद्ध में इस्तेमाल करने का उसका कोई विचार नहीं है।
क्यों बढ़ा रहा एटमी हथियार
देश के भीतर विरोधियों पर अंकुश रहेगा। भारत के साथ बढ़ते तनाव को देखते हुए।
भारत पर फोकस रखने की सलाह
एशिया सोसायटी ने ओबामा प्रशासन को भारत पर फोकस बनाए रखने और 2014 में अफगानिस्तान से सेना हटाने के बाद दक्षिण एशिया में सफलता के लिए इस क्षेत्र के प्रति ताजा दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी है। सोसायटी की 75 से भी अधिक पृष्ठों की रिपोर्ट में इस संबंध में नए दृष्टिकोण पेश किए गए हैं कि कैसे दक्षिण-एशिया में प्रतिस्पर्धी अमेरिकी हितों में तालमेल स्थापित किया जाए। 'यूनाइटेड स्टेट्स एंड साउथ एशिया आफ्टर अफगानिस्तान' नामक इस रिपोर्ट के अनुसार यदि अमेरिका 2014 में अफगानिस्तान से वापसी के बाद प्रत्येक देश के खुद के गुणों के हिसाब से दक्षिण एशिया के प्रति नया नजरिया अपनाता है तो यह उसके लिए अच्छी स्थिति रहेगी।






