इस्लामाबाद. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने आखिरकार मान लिया है कि कश्मीर मसले का बातचीत और कूटनीति से हल करना होगा क्योंकि पाकिस्तान 21 वीं सदी में जंग नहीं झेल सकता। हाल में पाकिस्तान में सेना और सरकार के बीच बने टकराव के हालात के मद्देनजर पीएम के इस बयान से पाकिस्तान की आंतरिक कमजोरी की झलक मिलती है। गौरतलब है कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी एक दिन पहले गिलानी की तरह ही कश्मीर पर बयान दिया था।
गिलानी ने रविवार को कहा कि कश्मीर मुद्दे पर पहले ही चार लड़ाइयां लड़ी जा चुकी हैं और यह क्षेत्र अब भी केंद्र में है लेकिन 21 वीं सदी में युद्ध नहीं झेल सकते। पाकिस्तानी पीएम के इस बयान के आखिर क्या मतलब निकाले जा सकते हैं? क्या गिलानी को ऐसा लगता है कि उनके देश की अर्थव्यवस्था कमजोर है और सैन्य ताकत के मामले में भारत उनके मुल्क से आगे है।
... लेकिन अलगाववादियों को मदद जारी रहेगी
कश्मीर एकजुटता दिवस पर प्रधानमंत्री सचिवालय में एक कार्यक्रम में गिलानी ने यह तो कहा कि वह बातचीत, कूटनीति, चौकस नीति और राष्ट्रीय सहमति से मुद्दों को हल करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर मुद्दा अब भी देश की विदेश नीति का मुख्य बिंदु बना हुआ है। लेकिन साथ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर की जनता को नैतिक, राजनीतिक तथा राजनयिक समर्थन जारी रखेगा। गिलानी ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों समेत पूरा पाकिस्तान कश्मीर के मुद्दे पर एकजुट है। जरदारी ने भी कश्मीर के अलगाववादियों को राजनीतिक, नैतिक और कूटनीतिक समर्थन देने की घोषणा दोहराई है। पाकिस्तान में हर साल 5 फरवरी को 'कश्मीर एकता दिवस' मनाया जाता है। इसकी पूर्व संध्या पर जरदारी ने कहा कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर मसले का शांतिपूर्ण हल चाहता है।
कितनी है भारत-पाकिस्तान की ताकत?
पाकिस्तान और भारत के बीच अब तक चार बार (1947, 1965, 1971 और 1999 में) जंग हो चुकी है। हालांकि हर बार पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी है। सैन्य ताकत के मामले में भारत अपने पड़ोसी पाकिस्तान से कई हाथ आगे है। भारत के पास 50 से 90 परमाणु हथियार हैं वहीं पाकिस्तानी सेना के पास 50 से ज्यादा परमाणु हथियार हैं। भारत के पास 13 लाख सैनिक हैं, जबकि पाकिस्तान के पास 10 लाख थल सैनिक हैं।
भारत के पास करीब 1000 लड़ाकू विमान हैं। इनमें सुखोई, मिराज, मिग-29, मिग-27, मिग-21 और जगुआर शामिल हैं। वहीं पाकिस्तान के पास करीब 500 लड़ाकू विमान हैं। जिनमें चीनी एफ-7, अमेरिकी एफ-16 और मिराज शामिल हैं।
भारत के पास 27 युद्धपोत हैं जबकि पाकिस्तान के पास 11 युद्धपोत हैं।
भारतीय सेना के बेड़े में सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस, अग्नि, पृथ्वी, आकाश और नाग जैसी मिसाइल हैं। जहां तक पाकिस्तान का सवाल है तो उसके पास गौरी, शाहीन, गजनवी, हत्फ और बाबर जैसे मिसाइल हैं। जानकारों के मुताबिक ब्रह्मोस की तकनीक सबसे आधुनिक है और इसने भारत की ताकत बढ़ाई है।
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