दमिश्क. सीरिया में दो साल से चल रहे गृहयुद्ध को रोकने के लिए राष्ट्रपति बशर अल-असद का शांति प्रस्ताव विपक्ष और विद्रोही गुटों ने खारिज कर दिया है। इसके साथ ही विशेषज्ञों ने आशंका जाहिर की है कि खून-खराबा जल्द न रुका तो सीरिया के दो टुकड़े हो सकते हैं।
अमेरिका तथा पश्चिमी और अरब देशों ने भी बशर का प्रस्ताव खारिज कर दिया है। इनका कहना है कि इसमें नया कुछ नहीं है। असद जून के बाद रविवार को पहली बार जनता के सामने आए थे। राष्ट्रीय विपक्षी गठबंधन (एसएनसी) के प्रवक्ता वालिद बनी ने कहा कि उन्हें असद और उनकी सरकार के हटने से कम कुछ भी मंजूर नहीं।
यह गठबंधन अमेरिका और यूरोपीय संघ से मान्यता प्राप्त है। जानकारों का मानना है कि दोनों पक्ष जिस तरह अपने-अपने रुख पर अड़े हैं। समझौते की उम्मीद भी नजर नही आती। तुर्की के विदेशमंत्री अहमद दावुतोगलू ने कहा कि असद ने वही कहा जो वह कई बार दोहरा चुके हैं।
ब्रिटिश विदेशमंत्री विलियम हेग ने इस प्रस्ताव को लेकर कहा, ‘खाली आश्वासनों से आप किसी को मूर्ख नहीं बना सकते।’ पिछले सप्ताह ही सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि लखदर ब्राहिमी ने कहा था कि सीरिया के हालत बहुत खतरनाक हैं।
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