कोलंबो/रियाद। एक ओर, सऊदी अरब में 30 महिलाओं ने
शूरा काउंसिल में सीट हासिल कर इतिहास रचा तो वहीं, श्रीलंका में सेना की वजह से इंसानियत शर्मसार हो गई।
लिट्टे चीफ प्रभाकरण के बेटे बालचंद्रन की मौत को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ब्रिटिश फिल्म निर्देशक के मुताबिक 12 साल के बालचंद्रन को पहले श्रीलंकाई सेना के जवानों ने बिस्किट खिलाए। उसके बाद उसे गोलियों से छलनी कर दिया। इसकी तस्वीरें भी जारी की गई हैं। श्रीलंका सरकार ने इसे ‘झूठ, आधा सच और कई तरह की अटकलें’ करार दिया है।
ब्रिटिश टीवी चैनल4 डाक्यूमेंट्री डायरेक्टर कैलम मैकरी ने इस पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म तैयार की है। इसे वे संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग (यूएनएचआरसी) की श्रीलंका के मुद्दे पर होने वाली अगली बैठक में दिखाएंगे। डॉक्यूमेंट्री का शीर्षक है, ‘नो वार जोन-द किलिंग फील्ड्स ऑफ श्रीलंका।’ डॉक्यूमेंट्री के अनुसार, ‘श्रीलंकाई सेना ने बालचंद्रन को जिंदा पकड़ा था। बाद में उसे गोलियां मारी गईं। गोली मारने से पहले उसे बिस्किट या टॉफी जैसा कुछ खिलाया गया।’
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