इस्लामाबाद. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ के खिलाफ भ्रष्टाचार मामलों की जांच करने वाले अधिकारी की मौत का मामला गरमाता दिख रहा है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच से पता चला कि ‘अत्यधिक तनाव’ के कारण उन्होंने ‘आत्महत्या’ की। लेकिन घरवालों ने पुलिस की 'सुसाइड थ्योरी' को नकार दिया है। मृत अफसर के परिजनों ने शनिवार को आरोप लगाया कि उसके शरीर पर चोट के निशान थे। अफसर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में उनके सरकारी आवास फेडरल लॉजेस नंबर-2 में फंदे से लटका मिला। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। कामरान फैजल नामक यह अधिकारी राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) के सहायक निदेशक थे।
फैसल के चाचा तारिक मसूद ने पंजाब प्रांत के मियां चन्नू में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने अंतिम संस्कार से पहले फैसल की बांह, कलाई और पीठ पर चोट के निशान देखे थे। कलाइयों पर निशान से लग रहा था कि उसके हाथों को बांधा गया हो। इसके अलावा पीठ और गर्दन के नीचे भी चोट के निशान थे। ऐसा लगता था कि उसकी दाईं बांह को कसकर बांधा गया होगा।
इस्लामाबाद पुलिस के प्रमुख बनी अमीन ने बताया कि कारण पोस्टमार्टम के बाद पता चल सकेगा। शव पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस भेज दिया गया है। कामरान उन दो अधिकारियों में थे जिन्होंने रेंटल पावर प्रोजेक्ट में राजा परवेज अशरफ पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की थी।
आज की प्रमुख खबरें