दो दशकों तक इराक के राष्ट्रपति रहे सद्दाम हुसैन का जन्म वर्ष 1937 में बग़दाद के उत्तर में स्थित तिकरित के एक गांव में हुआ था।
सद्दाम ने वर्ष 1980 में नई इस्लामिक क्रांति के प्रभावों को कमज़ोर करने के लिए पश्चिमी ईरान की सीमाओं में अपनी सेना उतारी थी, जिसके कारण आठ वर्षों तक चले युद्ध में लाखों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।
इसी दौरान जुलाई, 1982 में सद्दाम हुसैन ने अपने ऊपर हुए एक आत्मघाती हमले के बाद शिया बाहुल्य दुजैल गाँव में 148 लोगों की हत्या भी करवाई थी।
13 दिसंबर, 2003 को सद्दाम हुसैन को पकड़ लिया गया। सद्दाम हुसैन को अमरीकी सैनिकों ने पकड़ा था। वह तिकरित शहर के एक घर में छुपे हुए पाए गए और उन्होंने बिना किसी लड़ाई के ही समर्पण कर दिया।
उनपर कई मामलों में मुक़दमा चलाया गया। दुजैल नरसंहार के अभियुक्त के रूप में सुनवाई के बाद सद्दाम हुसैन को पांच नवंबर, 2006 को मौत की सज़ा सुना दी गई और दिसंबर में इराक़ की अपील सुनने वाली अदालत ने उनकी अपील ख़ारिज कर दी।
सद्दाम अपनी विलासिता के लिए भी मशहूर थे। उनकी मौत के बाद उनके महलों पर अमेरिकी सेना ने कब्जा कर लिया। सद्दाम के कई महल थे, उनमें से एक महल तो ऐसा भी है, जिसमें वो साल में केवल एक बार अपने जन्मदिन के मौके पर जाया करता थे।
तस्वीरों में देखिए दुनिया के क्रूर तानाशाह के महल की झलकियां...