अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव नहीं, अब सिर्फ सैंडी ही सैंडी
कुमार केतकर न्यूयॉर्क से | Oct 31, 2012, 08:09AM IST

कुमार केतकर न्यूयॉर्क से
मैं यहां बेहद डरावनी और सिहरा देने वाली स्थिति से गुजर रहा हूं। तूफान सैंडी बेहद नजदीक आ चुका है। न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी में अफरा-तफरी का माहौल है। मौसम विभाग ने बताया है कि तूफान मंगलवार सुबह करीब 9 बजे तक आएगा। यह पत्र मैं उससे करीब चार घंटे पहले लिख रहा हूं। मैं अपने एक दोस्त के पास रुका हूं। सारे न्यूज चैनल्स सिर्फ तूफान दिखा रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि राष्ट्रपति चुनाव जैसी कोई चीज मौजूद ही नहीं है। राष्ट्रपति बराक ओबामा भी सिर्फ सैंडी की बात कर रहे हैं। आपातकाल घोषित कर दिया गया है। तटीय इलाकों से हजारों की संख्या में लोगों को हटाया है। सभी लोग अपने-अपने घरों में बंद हैं। स्कूल, बाजार, दफ्तर, सुपरमार्केट सब बंद है। यातायात थम सा गया है।
आखिरी डॉलर भी खेल लो
टीवी में बताया जा रहा है कि अटलांटा में कैसिनो बंद हो गए हैं। हम जहां हैं वहां से अटलांटा एक घंटे की दूरी पर है। एक कैसिनो में बात की तो पता चला कि कुछ लोगों ने तो आखिरी डॉलर तक जुए पर लगा दिया। कैसिनो के कर्मचारी ने वजह बताई, यहां लोग हमेशा ही अपने अगले घंटे को जिंदगी का आखिरी घंटा मानकर खेलते हैं।
पेड़ ऐसे हिल रहे मानो माइकल जैक्सन
बाहर बारिश नहीं हो रही है। पर हवाएं तेज चल रही हैं। हवाओं की वजह से पेड़ तो ऐसे हिल रहे हैं जैसे तेज संगीत पर माइकल जैक्सन और धीमी संगीत पर शाहरुख खान नाचते हैं। जब हवा की गति कम होती है तो पेड़ों की टहनियां हेमा मालिनी की तरह लहराने लगती हैं। आशंका है कि कुछ देर बाद हवाएं और उग्र होंगी।
पक्षी गायब, गाडिय़ां नदारद
करीब दो घंटे पहले मैने कुछ पक्षियों को देखा था। अब तो एक भी नहीं दिखाई पड़ रहे हैं। वे भी शायद खतरे को भांप कर सुरक्षित स्थानों पर उड़ गए। पूरी सड़क पर एक कार दिखाई पड़ रही है। वह भी इतनी तेजी से जा रही है जैसे उसे किसी का डर हो।
डर और आनंद का मिश्रण
लोग एकदूसरे से फोन पर हालचाल पूछ रहे हैं। कई बार तो लगता है कि हम इस तूफान से पूरी तरह सुरक्षित हैं। हमें चेतावनी दी गई है कि बिजली जाएगी, एसी बंद हो जाएगा और पानी की सप्लाई भी कट सकती है। इसलिए मैंने और मेरे दोस्त ने पूरा बाथटब और कुछ बाल्टियां भर ली हैं। राशन की दुकानें बंद है। लोगों ने जरूरतों की चीजें खरीद का स्टोर कर ली हैं।
बादल भी खतरनाक हो चले हैं
अभी कुछ मिनट पहले ही मेरे एक दोस्त का न्यूयॉर्क से फोन आया था। उसने बताया कि वह अभी घूमने गया था। उसने बादलों को देखा। वे बेहद खतरनाक दिख रहे थे। मैंने भी सोचा कि क्यों न मैनहटन घूम आऊं। पर वहां जाने के लिए ट्रेन पकडऩी पड़ेगी। इस यात्रा में करीब एक घंटे लगेंगे। वैसे भी ट्रेन तो बंद हैं। ऊपर हेलिकॉप्टरों की आवाजें सुनाई पड़ रही हैं। वे लगातार सुरक्षा का जायजा ले रहे हैं।








