क्वेटा। पाकिस्तान के हजारा शिया आतंकी हमलों के शिकार अपने परिजनों के शव लेकर फिर धरने पर बैठ गए हैं। वे क्वेटा में सेना तैनात करने की मांग कर रहे हैं। उधर, पेशावर में सोमवार को एक वरिष्ठ पुलिस अफसर के घर पर फिदायीन हमले में 5 लोग मारे गए। शनिवार को क्वेटा में आतंकी हमले में 85 लोग मारे गए थे। हमले की जिम्मेवारी लश्करे झांगवी ने ली थी। क्वेटा पुलिस प्रमुख वजीर खान की बात इन परिजनों ने नहीं मानी।
संघीय धार्मिक मामलों के मंत्री खुर्शीद शाह ने ताजा हमले को गुह्रश्वतचर विभाग की नाकामी बताया है। इस हमले के विरोध में पाकिस्तान के कई शहरों में प्रदर्शन हुए हैं।
शनिवार और रविवार को इस्लामाबाद, लाहौर, जकोबाबाद और लरकाना में रैलियां निकलीं और शिया समुदाय ने बाजार बंद रखवाए। एक कबायली नेता नियाज अहमद ने कहा हमला होते ही हमें ऑफिस में छिप जाने को कहा गया।