बीजिंग.सूडान के छापेमार विद्रोहियों का कहना है कि वे बंधक बनाए गए 29 चीनी मजदूरों को रिहा करने के लिए तैयार हैं और उन्हें चीन सरकार को सौंपने के जरिए की तलाश कर रहे हैं।
चीन की संवाद एजेंसी शिन्हुआ ने सूडान पीपुल्स लिब्रशन आर्मी 'एसपीएलए'प्रवक्ता आनरे तालूदी के हवाले से इस बात की पुष्टि की। तालूदी ने कहा 'हम अभी इस बारे में विचार कर रहे हैं कि चीनी मजदूरों को किस दिन रिहा करना है और उन्हें किस पक्ष को सौंपना है।'
तालूदी का यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब विद्रोहियों को बंधकों की रिहाई के लिए मनाने गए चीनी अधिकारी दक्षिण सूडान की राजधानी जुबा से सूडान लौट आए हैं। चीनी अधिकारियों ने इस दौरान कई संपर्को का इस्तेमाल कर विद्रोहियों को चीनी नागरिकों के लिये रजामंद करने का प्रयास किया। बंधकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं।
अफ्रीकी महाद्वीप में पश्चिमी कंपनियों द्वारा नकार दिए गए खतरे वाले इलाकों में चीन की कंपनियां धीरे-धीरे पैर पसारती जा रही हैं लेकिन इससे इन कंपनियों में काम कर रहे चीनी नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। सूडान में 2004 के बाद से चीनी नागरिकों को बंधक बनाए जाने का यह तीसरा मामला है।
एसपीएलए विद्रोहियों ने पिछले शनिवार को चीन के 47 मजदूरों पर हमला बोल दिया था। उनमें से 18 मजदूर बचकर निकल भागे थे लेकिन विद्रोहियों ने 29 मजदूरों को अगवा कर लिया था। चीन के ये सभी 29 बंधक इस समय सूडान की सेना और विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष के बीच में फंसे हुए हैं। इन झड़पों में एक बंधक मजदूर की मौत भी हो गई है।
इस बीच मिस्र के सिनाई प्रायद्वीप में बंधक बनाए गए 24 चीनी मजदूरों को चीन सरकार ने बुधवार को सकुशल रूप से रिहा कराने में सफ्लता प्राप्त की। इन लोगों को मंगलवार को बदोईं कबायलियों ने बंधक बना लिया था।
अफ्रीकी महाद्वीप में चीनी नागरिकों पर हो रहे हमलों को देखते हुए चीन में घरेलू स्तर पर भी जनता का स्वर मुखर हुआ है। चीन के सरकारी मीडिया ने चीन सरकार से दुनियाभर में काम कर रही चीनी कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों को अधिक सुरक्षा उपलब्ध कराने का आह्वान किया है।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण-सूडान ने पिछले वर्ष ही दुनिया के सबसे नए देश के रूप में विश्व मानचित्न पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। सूडान चीन का पुराना सहयोगी रहा है और दक्षिण सूडान के तेल-क्षेत्नों से संपन्न भूमि में चीन को निवेश की अच्छी संभावना दिखाई दे रही है।
Related Articles: