बेरुत.सीरियाई में लंबे वक्त से राष्ट्रपति बशर अल विरोधी मोर्चे के गढ़ रहे होम्स में सेना की गोलाबारी में लगभग 217 लोग मारे गए हैं।
सीरिया के मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों पर काम कर रहे ब्रिटेन के संगठन 'सीरियन आब्जरवेटरी आफ हयूमन राइट्स' के प्रमुख रमी अब्दुलरहमान ने शनिवार को बताया कि होम्स में सेना की भारी गोलाबारी के बीच यहां होम्स में मरने वालों की संख्या 217 तक पहुंच गई है जिसमें से 138 लोग खालीदिया प्रांत में मारे गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सेना ने सीमावर्ती खालीदिया प्रांत में भारतीय समयानुसार कल रात साढ़े ग्यारह बजे भारी गोलाबारी शुरू कर दी। इस भीषण हमले मे लगभग 36 मकान उनमें रहने वालो के साथ जमींदोज हो गए।
खालीदिया के एक नागरिक ने कहा हम अपने घर में बैठे थे कि अचानक गोलाबारी की तेज अवाजें सुनवाईं देने लगी ऐसा लग रहा था कि मानो हमारे ऊपर ही गिर रहे हैं।
सीरिया में पिछले 11 महीने से चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के दौरान यह सबसे भीषण हिंसा है। होम्स राष्ट्रपति बशर अल-असद के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन का एक प्रमुख ठिकाना है।
सीरिया में पिछले दस महीने से जारी हिंसा के विरोध में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का नया मसौदा एक बार फिर रूस और चीन के विरोध के कारण नहीं पास हो सका। जबकि भारत और पाकिस्तान सहित 13 देशों ने इस मसौदे के पक्ष में वोट दिया।
संरा सुरक्षा परिषद द्वारा तैयार किया नया मसौदा सीरिया में जारी असंतोष को खत्म करने के लिए अरब लीग की नीति को बल देने के मकसद से तैयार किया गया था। लेकिन रूस और चीन ने लगातार दूसरी बार अपने वीटो का इस्तेमाल करते हुए इसे पारित नहीं होने दिया।