मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति नशीद के चलते भारत-मालदीव में तल्खी बढ़ी

माले। मालदीव की एक कोर्ट ने पुलिस को पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद को बुधवार को शाम चार बजे तक पेश करने के आदेश दिए हैं। पुलिस ने विदेश मंत्रालय से आग्रह किया है कि वह नशीद की गिरफ्तारी के लिए भारतीय उच्चायोग से बात करे। नशीद पिछले छह दिनों से भारतीय उच्चायोग में हैं। पुलिस प्रवक्ता हसन हनीफ ने कहा कि विभाग ने अटॉर्नी जनरल के माध्यम से विदेश मंत्रालय से संपर्क किया है।
ताकि वह भारतीय उच्चायोग से बात करे। मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता 45 वर्षीय नशीद ने 13 फरवरी को भारतीय उच्चायोग में शरण ली थी। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद वहीद के प्रेस सचिव मसूद इमाद ने कहा कि गिरफ्तारी वारंट की मियाद बुधवार चार बजे खत्म हो जाएगी। कार्यालय के अनुसार, ‘एक भगोड़े को शरण देने के विरोध में भारतीय उच्चायुक्त को विरोध पत्र जारी किया गया। नशीद उच्चायोग से सड़कों पर हिंसा भड़का रहे हैं। अशांति फैला रहे हैं।’हालांकि, भारत ने इन आरोपों का खंडन किया है।
सुलह के संकेत नहीं :
भारत और मालदीव के विदेश मंत्रियों ने टेलीफोन पर कई दौर की बातचीत की। इसके बावजूद गतिरोध खत्म होने के संकेत नहीं दिख रहे। एक दिन पहले ही भारतीय उच्चायुक्त डीएम मुले को बुलाया गया था। उच्चायोग में नशीद के रुकने पर कड़ा विरोध पत्र जारी किया गया था।
क्या है मामला :
पिछले साल जनवरी में नशीद ने राष्ट्रपति रहते हुए आपराधिक न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को हिरासत में लेने के आदेश दिए थे। इसका पूरे देश में चौतरफा विरोध हुआ था। अब इसी मामले में नशीद के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। वे अगर दोषी पाए गए तो सात सितंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में खड़े नहीं हो पाएंगे।






