दुनियाभर की टॉप मॉडल्स अपने बदन की नुमाइश करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहती हैं. बिकिनी से लेकर न्यूड फोटोशूट तक इस दुनिया ने किसी न किसी तरीके से हॉट हसीनाओं के जलवे देखे .
21वीं सदी की नई लड़की में 18वीं और 19वीं सदी के भौंडे आडम्बरों से मुक्ति पाते हुए आगे निकलने की छटपटाहट देखी जा सकती है. लेकिन शुरुआत में यह कितना साहसिक कदम माना जाता होगा. आज जिस हॉट फोटोशूट को देख आहें भरते नहीं थकते, 19वीं सदी ऐसा सोचा भी नहीं जा सकता.
विक्टोरियन काल की एक मॉडल ने करीब 150 साल पहले दुनिया का पहला फैशन फोटोशूट करवाया था. 1860 में खींची गई यह तस्वीरें ब्रिटेन की पहली महिला फोटोग्राफर लेडी क्लेमेंटिना हॉवर्डेन के द्वारा कैमरे में कैद की गई थीं। इनके द्वारा ली गई सारी फोटोज एलिस इन वंडरलैंड नामक नोवेल के लेखक लेविस केरॉल के द्वारा एकत्र की गई हैं।
इसे 1,50,000 पाउंड तक की बोली के लिए एक नीलामी में रखा गया है। उन्हें एक बहुत ही अच्छी विक्टोरियन फाइन आर्ट फोटोग्राफर माना गया है। उन्होंने इस प्रोफेशन में महिलाओं के लिए रास्ता बनाने का भी कार्य किया है, जबकि उस समय यह काम सिर्फ पुरूष ही किया करते थे।
हॉवर्डेन ने अपनी बेटियों को एक मॉडल की तरह दिखाया है और स्टीरियोस्कोपिक कैमरे का प्रयोग कर के फोटोग्राफी की है। हॉवर्डेन के 10 बच्चे थे, 8 बेटियां और 2 बेटे।
हॉवर्डेन अपनी बड़ी बेटियों इसाबेल्ला ग्रेस, क्लेमेंटिना और फ्लोरेन्स एलिजाबेथ की फोटोग्राफ लेने पर ज्यादा फोकस करती थीं, जिन्हें वह अक्सर ड्रेस पहना कर तैयार करती थीं। ये तस्वीरें कभी रोमांटिक पोज और कभी कुछ उत्तेजक पोज में ली जाती थीं। यह फोटो कभी अकेले में आइने के सामने तो कभी जोड़ों में खींची गईं हैं।
अंदर की स्लाइड में तस्वीरों में माध्यम से जानें कैसी थी 150 साल पहले फैशन की दुनिया...