चंद्रमा से आज टकराएंगे नासा के दो यान
Agency | Dec 17, 2012, 11:39AM IST

केप केनवेरेल. लगभग एक वर्ष तक चंद्रमा का चक्कर काटने के बाद नासा के दो यान सोमवार को चंद्रमा की सतह से टकराएंगे। वाशिंग मशीन के आकार के नासा के दो यान ‘एब’ और ‘फ्लो’ अपने सफल अभियान के समापन पर सोमवार को अपना अभियान समाप्त कर रहे हैं।
टक्कर से चांद की सतह से जुड़े कुछ रहस्यों से पर्दा उठ सकता है। बीते एक साल के दौरान नासा के इन यानों से चंद्रमा की आंतरिक सतह के बारे में कई अहम जानकारियां मिली हैं। दोनों यान 6120 किमी/घंटे की रफ्तार से 20 सेकेंड के अंतर पर चंद्रमा की सतह को टक्कर मारेंगे।
भारतीय समयानुसार सोमवार सुबह 6.58 पर यह टक्कर होगी। इसे पृथ्वी से नहीं देखा जा सकेगा। इन यान से जुड़े संयुक्त अभियान ग्रेविटी रिकवरी एंड इंटीरियर लेबोरेटरी (ग्रेल) के प्रोजेक्ट मैनेजर डेविड लेहमैन ने बताया कि एब और फ्लो ने शुक्रवार को आखिरी बार अपनी सेवाएं दीं।
मिलेंगी अहम जानकारियां
चंद्रमा का चक्कर लगा रहे ‘एब’ और ‘फ्लो’ ने अब तक धरती के उपग्रह की आंतरिक सतह की बेहद स्पष्ट तस्वीरें मुहैया कराई हैं। इस अभियान के पहले चरण में इस साल मार्च से मई के बीच दोनों ने ग्रेविटी मैप (गुरूत्व शक्ति में उतार-चढ़ाव के नक्शे) मुहैया कराए। इनसे पता चला है कि चंद्रमा की सतह हमारी सोच से ज्यादा छिछली और ऊबड़-खाबड़ है। अनुमान लगाया गया है कि ऐसा अरबों साल पहले वहां एस्ट्रायड्स या कॉमेट्स के चंद्रमा की सतह से टकराने के कारण हुआ होगा।
आईएसएस में लगेंगे नए बल्ब, अंतरिक्षयात्रियों को मिलेगी नींद से लड़ने में मदद
न्यूयॉर्क. नासा ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर उच्च तकनीक के नए एलईडी बल्ब लगाने की योजना बनाई है। इससे अंतरिक्षयात्रियों को नींद से लड़ने में मदद मिलेगी और उनकी ड्रग्स पर निर्भरता कम होगी। अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी ऑर्बिटिंग लैबोरेटरी के फ्लुरेसेंट बल्ब को हटाकर नए बल्ब लगाएगी, इस पर करीब 11.2 मिलियन डॉलर की लागत आएगी, जो लाल, नीली और सफेद रोशनी से प्रज्जवलित होंगे। यह योजना अंतरिक्ष में वर्ष 2016 तक सिरे चढ़ पाएगी। नासा की फ्लाइट सर्जन स्मिथ जॉनसन के अनुसार इन बल्ब से अंतरिक्षयात्रियों के काम करने के दिन रात शिडच्यूल में काम करने में मदद मिलेगी।






