यमन. सीरिया में छिड़े गृहयुद्ध के कारण मरने वालों की संख्या 60 हजार तक पहुंच चुकी है। संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट में यह चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए। यूएन के मानवाधिकार राजदूत नवी पिल्लाय ने कहा कि यह बहुत हैरान करने वाले और शर्मनाक आंकड़े हैं।
इसके लिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इसके लिए उन्होंने कोई भी कदम नहीं उठाए हैं। उन्होंने कहा, अभी हमारे सही आंकड़े आने में समय लगेगा, लेकिन यह भारी पैमाने पर हुए नरसंहार की एक झलक है।
वहीं, सरकार के खिलाफ लड़ रहे विद्रोहियों को इस आंकड़ों पर जरा भी आश्चर्य नहीं हुआ। उनका कहना है कि यह सच, क्योंकि हम सड़कों पर रोज नरसंहार देखते हैं। पश्चिमी समेत अरब देशों ने भी सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासन की खुलेतौर पर निंदा की है। लेकिन उन्हें आने वाले समय में उम्मीद की किरण भी दिख रही है।