शूरा काउंसिल की 30 सीटों पर महिलाएं, अब बदलेगी सऊदी अरब की तस्वीर

जहां अब तक सऊदी अरब में समानता के अधिकारों में महिलाओं की स्थिति काफी खराब है, लेकिन इसी बीच एक ऐसी बात सामने आई है जो वर्तमान स्थिति को सुधारने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। सऊदी अरब जैसे रुढ़िवादी देश के इतिहास में शायद यह पहली बार हुआ है है कि अरब की शूरा काउंसिल में 30 सीटों पर महिलाएं आ गई हैं। इन्होंने रियाध में किंग अब्दुल्ला के महल में शपथ ग्रहण की। एक स्थानीय टेलीविजन के अनुसार इन महिलाओं ने 130 पुरूषों के साथ ही सत्ता ग्रहण की और साथ ही शपथ भी ली। किंग अब्दुल्ला ने कहा कि हम महिलाओं के अधिकारों में सुधार की प्रक्रिया को जारी रखेंगे।
उल्लेखनीय है कि 11 जनवरी को किंग ने जिन महिलाओं को नियुक्ति किया है, उनमें यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट और ह्यूमन राइट की कार्यकर्ता भी शामिल हैं। किंग का यह फैसला सऊदी अरब के उस कानून के ठीक विपरीत है जो कि महिलाओं पर काफी ज्यादा बंदिशें लगाता है। सऊदी अरब के कानून के हिसाब से महिलाएं गाड़ी नहीं चला सकती हैं ना ही पुरूष आभिभावक की आज्ञा के बिना कहीं जा सकती हैं।
अब्दुल्ला लगातार एक अच्छे परिवर्तन की ओर अग्रसर हैं जबसे उन्होंने 2005 में पहली बार नगरपालिका चुनाव कराए हैं। 2011 में लागू किए गए एक आदेश के अनुसार अब महिलाओं को 2015 के स्थानीय चुनाव में अपनी मर्जी से वोट डालने की आजादी है।






