चाईबासा और धनबाद में सीबीआई का छापा

चक्रधरपुर/डांगुवापोसी .एक हजार करोड़ आयरन ओर ट्रांसपोर्टिंग घोटाले मामले में सीबीआई और विजिलेंस की 18 सदस्यीय संयुक्त टीम अब वेट ब्रिजों को खंगाल रही है। चक्रधरपुर में सोमवार को चार घंटे तक विभिन्न कार्यालयों में पूछताछ करने के बाद मंगलवार को यह टीम चक्रधरपुर से तड़के चार बजे डांगुवापोसी स्टेशन के लिए रवाना हुई।
संयुक्त टीम के सदस्य दो सूमो और तीन स्कोर्पियो में सवार थे। दोपहर करीब साढ़े दस बजे टीम डांगुवापोसी पहुंची। वहां 3 बजे तक टीम ने स्टेशन के उन इलाकों को खंगाला, जहां से लौह अयस्क रैक में लोड किए जाते थे। टीम ने रेलवे स्टेशन, यार्ड तथा वेट ब्रिज (वजन लाइन) की भी जांच की। वेट ब्रिज की जांच करीब एक घंटा चलती रही। इस दौरान टीम ने संबंधित पदाधिकारियों से कई बिंदुओं पर जानकारी ली।
इसके बाद तीन टीमें बनाकर अलग-अलग जांच की गई। सीबीआई के एएसपी पीके पाणिग्रही से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने नो कमेंट कह कर बात टाल दी।
क्या है मामला
आयरन ओर बूम के दौरान वर्ष 2008 और 2009 में कई नामी कंपनियों ने घरेलू आयरन ओर लेने के नाम पर रेलवे से ट्रांसपोर्टिंग की थी। लेकिन लौह अयस्क को इंटरनेशनल मार्केट में बेच दिया गया। यह मामला कोलकाता हाइकोर्ट में सीबीआई ने दर्ज कराई है। पूरे मामले में एक हजार करोड़ रुपए के राजस्व की चपत चक्रधरपुर रेल मंडल को लगी है। कई बड़े अधिकारी सहित आयरन ओर कारोबारी इस मामले में आरोपी हैं।
रेस्ट हाउस में बनी रणनीति
लगभग 2 बजे दोनों टीम ने लंच किया। इससे पूर्व ऑफिसरों ने रेस्ट हाउस में करीब डेढ़ घंटा तक जांच की रणनीति बनाई। इस टीम में दो एसपी एवं एक एएसपी रैंक के पदाधिकारी शामिल थे। पांचों गाडिय़ों के सदस्य अलग- अलग स्थानों पर जांच कर रहे थे।
यहां की गई जांच
आमबगान स्थित रेलवे वेट ब्रिज कार्यालय, स्टेशन मास्टर का कार्यालय, रेलवे यार्ड।
सीबीआई व विजिलेंस की टीम कोलकाता से है। मंगलवार को डांगुवापोसी में लौह अयस्क से जुडे मामले की छानबीन कर टीम ने रिपोर्ट तैयार की है। अधिकारियों ने डांगुवापोसी में रेलवे व प्राइवेट साइडिंग की छानबीन की है। लौह अयस्क गड़बड़ी में सीबीआई कई बार जांच करने आ चुकी है। टीम के अधिकारी चक्रधरपुर में इंजीनियरिंग व ऑपरेटिंग विभाग से मालगाडिय़ों का पोजिशन ले गए हैं। केएन विश्वास, सीनियर डीसीएम, चक्रधरपुर रेल मंडल
धनबाद : रैक कोयला ढुलाई और रेलवे अस्पताल में दवा खरीद में घपला, सीबीआई व विजिलेंस की ज्वाइंट सरप्राइज चेकिंग में खुलासा
सीबीआई धनबाद व रेलवे विजिलेंस की संयुक्त टीम ने मंगलवार को सरप्राइज चेकिंग कर रैक से कोयला ढुलाई करने और रेलवे अस्पताल में दवा खरीद में गड़बड़ी का मामला पकड़ा। इससे जुड़े कई कागजात जब्त किए गए। सीबीआई के अनुसार रैक कोयला ढुलाई व्यवस्था में गड़बड़ी कर 12.50 लाख रुपए प्रति रैक के हिसाब से ईसीएल को चूना लगाया जा रहा है। इससे रेलवे को भी लाखों का भाड़ा नुकसान हुआ है।
रेलवे अस्पताल की जांच से पता चला कि पिछले तीन साल में यहां दवा खरीद में घपला किया गया। स्टॉक में भी शॉर्टेज मिला। नकली दवा की आशंका को देखते हुए दवा के कई सैंपल जब्त किए गए हैं। सीबीआई के अनुसार 30 लाख से अधिक का घोटाला सामने आ सकता है।
कम वजन दिखाकर भेजा गया अधिक कोयला
ईसीएल के पंडरा मुगमा वेब ब्रिज से वजन कर रैक एसीसी सीमेंट कारखाना चाईबासा के लिए निकला। सीबीआई ने उस रैक को आसनसोल में रोका और अपने कब्जे में ले लिया। आसनसोल वेब ब्रिज में पुन: रैक की मापी की गई। रैक में 10 प्रतिशत अधिक कोयला मिला।
सीबीआई के अनुसार रैक कोयला ढुलाई व्यवस्था में गड़बड़ी कर हर 10 गाड़ी पर एक गाड़ी मुफ्त कोयला भेजा जा रहा था। इससे ईसीएल और रेलवे दोनों को नुकसान हो रहा था। मुगमा वेज ब्रिज और आसनसोल वेज ब्रिज को सील कर दिया गया है।
नियमों की अनदेखी कर खरीदी गई दवाएं
सरप्राइज चेकिंग के दौरान रेलवे अस्पताल में तीन तरह की गड़बडिय़ां मिलीं। सीबीआई के अनुसार दवाओं के स्टॉक में शॉटेज मिला। नियमों को ताक पर रखकर दवाएं खरीदी गईं।
कुछ खास लोगों व कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया। दवा खरीद में गड़बड़ी कर लगभग 40 लाख की बंदरबांट की गई। कई दवाओं के नकली होने के शक के पर दो कार्टून दवाओं का सैंपल जब्त किया गया है।
दो अलग-अलग मामलों में सरप्राइज चेकिंग की गई। दोनों ही जगहों पर गड़बडिय़ां मिली हंै। कागजात और संबंधित रिकार्ड जब्त किए गए हैं। जांच के बाद एफआईआर की जाएगी। सीबीआई यह पता कर रही है कि घपलों के पीछे कौन है । पीके मांजी, एसपी, सीबीआई धनबाद







