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प्रेम में असफल एनआईटी छात्रा ने की खुदकुशी, पहले भी 3 ने की है खुदकुशी

Dainik Bhaskar.com | Feb 18, 2013, 02:28AM IST
प्रेम में असफल एनआईटी छात्रा ने की खुदकुशी, पहले भी  3 ने की है खुदकुशी


जमशेदपुर. नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) जमशेदपुर की छात्रा नमिता कुमारी ने रविवार को अपने रूम में दुपट्टे से लटक कर आत्महत्या कर ली। वह इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग सेकेंड ईयर की छात्रा थी। घटना की जानकारी तब मिली, जब उसकी क्लासमेट स्वाति कुमारी और पिंकी कुमारी ने रात लगभग आठ बजे हॉस्टल का रूम खुलवाया।


 


 


नमिता अम्बेडकर गल्र्स हॉस्टल के रूम नंबर 203 (फस्र्ट फ्लोर) में रहती थी। सूत्रों का कहना है कि प्रेम में असफल होने के कारण छात्रा ने  खुदकुशी कर ली है।मालूम हो कि संस्थान में चल रहे सालाना जलसा उत्कर्ष-2013  का रविवार को समापन होने वाला था। शनिवार को नमिता ने कार्यक्रम में शिरकत की थी। रविवार सुबह भी उसने कार्यक्रम में हिस्सा लिया, लेकिन दोपहर में खाना खाने के बाद वह रूम से नहीं निकली। संस्थान के प्रवक्ता मलय नीरज ने बताया कि रात में वह कार्यक्रम में नहीं दिखी। 


 


इस पर स्वाति और पिंकी उसे खोजने हॉस्टल गईं, जहां रूम अंदर से बंद था। आवाज देने पर भी कमरा नहीं खुला था, दोनों ने मेस ब्वॉय को बुलाया और दरवाजा तोड़ा गया। वहां नमिता दुपट्टे से लटकी मिली। नमिता को दुपट्टे से लटके देख दोनों छात्राओं ने इसकी जानकारी संस्थान के निदेशक प्रो. रामबाबू कोडाली को दी।


 


रात लगभग 8.30 बजे नमिता को टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नमिता के शव को अस्पताल के शीतगृह में रखा गया है। वह हजारीबाग की रहने वाली थी। उसके पिता कुलपति लाल दास व परिजनों को फोन पर सूचना दे दी गई है। इधर, घटना के बाद यूफोरिया बैंड का परफॉर्मेंस रद्द कर दिया गया।

 


क्यों उठाया ऐसा कदम
छात्रा ने आत्महत्या क्यों की? इसके कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रवक्ता मलय नीरज ने बताया कि नमिता पढऩे में तेज थी। अभी कोई परीक्षा भी नहीं हुई थी और न ही रिजल्ट आया था। ऐसे में आत्महत्या की वजह बताना मुश्किल है। उन्होंने माना कि कारण प्रेम संबंध भी हो सकता है, लेकिन अभी कुछ भी कहना उचित नहीं है। मामले की जांच की जा रही है। उसके मोबाइल कॉल को खंगालने पर कुछ पता चले।


पहले भी हुई है 3 की मौत
एनआईटी में तीन छात्रों की संदिग्ध मौत 2009 से 2011 के बीच हुई थी। 2009 में संस्थान के सालाना समारोह के दौरान कैम्पस में लगाए गए फव्वारा में छात्र ने छलांग लगा दी थी। उसे बचाने के दौरान दो छात्रों की मौत हो गई थी।  2011 में फेस्ट ओजस के दौरान एक छात्र उत्तम कुमार ने हॉस्टल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। एनआईटी टीचर्स एसोसिएशन ने कैंपस में छात्रों की मौत होने को लेकर जनहित याचिका दायर कर रखी है।

आज मेडिकल बोर्ड की बैठक
घटना के बाद संस्थान के मेडिकल बोर्ड की बैठक सोमवार को होगी। प्रवक्ता मलय नीरज ने बताया कि सोमवार को संस्थान में कक्षाएं नहीं चलेगी। बाकी के कार्यक्रम कल घोषित किए जाएंगे।

कॉलेज प्रबंधन पर बढ़ेगा दबाव
एनआईटी में आत्महत्या से जुड़े मामलों पर हाईकोर्ट में पहले से ही सुनवाई चल रही है। इस घटना के बाद एनआईटी प्रबंधन और मानव संसाधन विकास मंत्रालय पर दबाव और अधिक बढ़ जाएगा। हाईकोर्ट सख्त फैसले ले सकती है।
हाईकोर्ट ने कहा था- एनआईटी में खुदकुशी गंभीर मामला


26 तक देना है जवाब
गौरतलब है कि एनआईटी में स्टूडेंट्स की आत्महत्या से संबंधित मामले को झारखंड हाईकोर्ट ने भी गंभीरता से लिया था। ३० जनवरी को कोर्ट ने कहा था कि आत्महत्या का कारण चाहे जो भी हो, लेकिन यह गंभीर मामला है। स्टूडेंट्स आत्महत्या क्यों कर रहे हैं, इसकी विशेषज्ञों से जांच कराई जानी चाहिए। कोर्ट ने इस दौरान पूछा था कि एनआईटी में स्टूडेंट्स की आत्महत्या को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं? क्या तकनीकी संस्थानों के नियंत्रण को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कोई नियम बनाया है अथवा दिशा निर्देश जारी किया है? मंत्रालय को इस बिंदु पर जवाब दायर करने के लिए 26 फरवरी तक का समय मिला है।


आगे पढ़े नमिता का परिचय


 

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