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20 करोड़ की आर्ट गैलरी, दिखाई जाएगी आदिवासियों की कला की कलाकारी

Bhaskar news | Feb 07, 2014, 03:52AM IST
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जमशेदपुर. टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक (एमडी) टीवी नरेन्द्रन ने कहा कि 20 करोड़ की लागत से शहर में आर्ट गैलरी का निर्माण होगा। यह निर्माण 15 महीने में सेंटर फॉर एक्सीलेंस के बगल में किया जाएगा। वे गुरुवार को सेंटर फॉर एक्सीलेंस में आयोजित आर्ट इन इंडस्ट्री कैंप के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि टाटा स्टील के पास सैकड़ों पेंटिंग हैं, जिसे इस गैलरी में प्रदर्शित किया जाएगा। शहर के कलाकारों को भी गैलरी में अपनी प्रदर्शनी लगाने का मौका मिलेगा। 

आदिवासी कलाकारों के लिए अलग से प्रदर्शनी

टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेन्द्रन ने कहा कि आर्ट इन इंडस्ट्री कैंप की तरह टाटा स्टील आदिवासी कलाकारों के लिए अलग से एक प्रदर्शनी लगाएगी। इसमें झारखंड के आदिवासी कलाकारों को अपनी कला को प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा। टाटा स्टील की कोशिश है कि कला, संगीत, रंगमंच और सिनेमा से यहां के युवाओं को जोड़ा जाए। इसी के तहत बीते दिनों फिल्म एप्रीसिएशन कोर्स का आयोजन किया गया।

ग्लोबल फैमिली का प्रतिनिधित्व करती हैं अंजोली इला मेनन

जमशेदपुर त्न अंजोली इला मेनन। एक ऐसी चित्रकार, जो भले ही भारतीय हैं, लेकिन ग्लोबल फैमिली का प्रतिनिधत्व करती हैं। विभिन्न देशों की सरहदों के साथ ही जाति और धर्म की बंदिशों से परे उनकी तीन पीढिय़ां देशी-विदेशी संस्कृति के विविध रंगों के साथ एक परिवार के रूप में रहती है। बकौल अंजोली मेनन, मेरे दादा बिरेंद्र चंद्र गुप्ता मूल रूप से बंगाली थे। वे पहले भारतीय थे, जिन्होंने अमेरिका के प्रतिष्ठित संस्थान मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से पढ़ाई की। उन्होंने कश्मीर घाटी में इलेक्ट्रिफिकेशन कराया था। 1905 में अमेरिकी महिला अथेल स्टेलसन से शादी की। मां ब्रह्म समाज की थीं, जबकि पिता हिंदू थे।  दोनों एक-दूसरे के कट्टर विरोधी माने जाते हैं। 

टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक (एमडी) टीवी नरेन्द्रन ने कैनवास पर उम्मीद के सूरज को उकेर चार दिवसीय आर्ट इन इंडस्ट्री कैंप का उद्घाटन किया। खुले आसमान के नीचे सेंटर फॉर एक्सीलेंस के खूबसूरत लॉन में उद्घाटित इस कैंप में देश की प्रख्यात चित्रकार अंजोली इला मेनन और रुचि नरेन्द्रन ने कैनवास पर भारतीय महिलाओं की खूबसूरती के रंग को उकेरा। इस पेंटिंग में रंग भर उसे मुकम्मल रूप दिया श्रीमंती सेन (आनंद सेन की पत्नी) ने।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए नरेन्द्रन ने कहा कि टाटा स्टील की हमेशा कोशिश रही है कि वह भारत की सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करें। उन्होंने उम्मीद जतायी कि यह कैंप शहर के उभरते कलाकारों को देश के ख्यात चित्रकारों के साथ इन्टरेक्ट करने का मंच देगा। इससे शहर की प्रतिभा को भी इन महान कलाकारों से रूबरू होने का मौका मिलेगा।

चित्रकारों का जमावड़ा

कैंप में देशभर के 20 से ज्यादा चित्रकार शिरकत कर रहे हैं। इसके साथ ही जमशेदपुर स्कूल ऑफ आर्ट के छात्र अमित ओझा और टाटा स्टील के ग्रेजुएट इंजीनियर चैतन्य कुमार को भी कैंप में अपनी पेंटिंग बनाने को मौका मिला है।

छात्रों को इन्टरेक्ट का मौका

कैंप में शहर के विभिन्न स्कूल के छात्रों को ख्याति प्राप्त चित्रकारों से इन्टरेक्ट करने का मौका मिलेगा। टाटा स्टील की ओर से सभी स्कूलों को पत्र लिख अपने छात्रों को कैंप में भेजने के लिए आग्रह किया गया है। लेकिन स्कूल में चल रही वार्षिक परीक्षाओं की वजह से छात्रों की संख्या कम है।

नौ फरवरी को होगी प्रदर्शनी

कैंप के दौरान बनी पेंटिग टाटा स्टील की संपत्ति होगी। वह टाटा स्टील के संग्रहालय का हिस्सा बनेगी। कैंप में शुरुआती तीन दिन पेंटिंग बनेगी। अंतिम दिन 9 फरवरी को सभी पेंटिंग को प्रदर्शित किया जाएगा।

आगे की स्लाइडस् में देखिए प्रदर्शनी की तस्वीरें..

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