सूबे में प्रदेश में खोले जाएंगे 11 ट्रॉमा सेंटर
रांची.राज्य में 11 नए ट्रॉमा सेंटर खोलने का प्रस्ताव है। सरकार ने केंद्रीय सहायता से ट्रॉमा सेंटर खोलने के लिए कें द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है। इसपर केंद्र की सैद्धांतिक सहमति भी मिल गई है। पैसा मिलते ही सेंटर की स्थापना का कार्य शुरू हो जाएगा। सभी सेंटर झारखंड से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर बनाए जाएंगे। एक सेंटर दुमका-देवघर के बीच मार्ग पर बनाने का प्रस्ताव है।
केंद्र को भेजे गए प्रस्ताव में ट्रॉमा सेंटर के लिए 66 डॉक्टरों के अलावा पारामेडिकल कर्मियों की नियुक्ति का प्रस्ताव भी भेजा गया है। वेतन खर्च का वहन केंद्र करेगा।
राज्य में सड़क हादसों में हर साल सैकड़ों मौतें
झारखंड में सड़क दुर्घटना में मरने वालों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। इनमें से अधिकतर दुर्घटनाएं राजमार्ग पर होती हैं। इनमें से ज्यादातर मौतें एक्सेस ब्लड लॉस की वजह से होती हैं। चिकित्सा सुविधा मिलने तक घायल व्यक्ति के शरीर से इतना खून बह चुका होता कि वह अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ चुका होता है। इस समस्या से निबटने के लिए झारखंड सरकार ने राजमार्गों पर ट्रॉमा केअर सेंटर बनाने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय अपराध अनुसंधान ब्यूरो (एनसीआरबी) के ताजा आंकड़ों के अनुसार धनबाद में सड़क दुर्घटनाओं में 142 लोगों की मौत हुई है।
राजधानी रांची में 382 और जमशेदपुर में 340 लोग सड़क दुर्घटनाओं की वजह से अकाल मौत के शिकार बने हैं। रांची और जमशेदपुर से एनएच 33 गुजरता है। इसके अलावा शहरी ट्रैफिक व्यवस्था भी इन दुर्घटनाओं के बाद मौत के लिए जिम्मेदार है।






