राज्यदिल्ली
मध्य प्रदेश
राजस्थान
छत्तीसगढ़
हिमाचल
पंजाब
हरियाणा
चंडीगढ़
उत्तर प्रदेश
बिहार
झारखंड
महाराष्ट्र
गुजरात
जम्मू-कश्मीर
चौंकाने वाला मामला : इस विधायक ने बनवाए 49 हजार के 43 ड्राफ्ट
सतीश कुमार.
| Apr 13, 2012, 10:46AM IST

विधायक जामा की, ड्राफ्ट बने जमशेदपुर-धनबाद में
सीता सोरेन संथालपरगना के जामा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं। उनका सरकारी आवास रांची में है। ड्राफ्ट बना जमशेदपुर और धनबाद के बैंकों से। यानी रांची और जामा में उन्होंने ड्राफ्ट नहीं बनवाए। कैश ड्राफ्ट बनवाने की किसी को खबर नहीं हो, इसीलिए दो अन्य शहरों का चयन किया गया। ड्राफ्ट फार्म की राइटिंग देखने से पता चलता है कि दो-तीन लोगों ने अलग-अलग नाम से सभी 43 फार्म भरे और ड्राफ्ट बनवा लिया।
बैंक में 50 हजार या उससे अधिक जमा करने पर पैन जरुरी है। पैन देते ही लेनदेन की जानकारी आयकर विभाग को मिल जाती है। इससे बचने के भी फंडे हैं। एक बार में दस लाख रुपए भी जमा करने हैं, तो उसे 49-49 हजार में बांट दिया जाता है। ऐसी स्थिति में बैंक पैन नहीं पूछता है।
बैंक से निकासी नहीं, बन गया 10 लाख का ड्राफ्ट
सीता सोरेन का एक बैंक एकाउंट जमशेदपुर के बैंक ऑफ बड़ौदा की सोनारी शाखा में है। इसमें सोरेन के 14.81 लाख रुपए जमा थे। उन्होंने इनमें से एक रुपया भी नहीं निकाला और सात एवं आठ जुलाई 2010 को 10 लाख चार हजार रुपए का ड्राफ्ट बनवा लिया। जांच में पता चला कि एक बार में 49 हजार या उससे कम की नकद राशि जमा कराकर आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के नाम पर ड्राफ्ट बनवाए गए। बैंक में उन्होंने 22 सितंबर 2009 को खाता खुलवाया था। उस समय ओपनिंग बैलेंस 52 लाख 23 हजार रुपए थे। यह पैसे कहां से आए, इसका पता भी जांच एजेंसी लगा रही है।
एक ही दिन 23 ड्राफ्ट बनवाए
सीता सोरेन ने धनबाद स्थित बैंक ऑफ इंडिया के हीरापुर शाखा से 28 नवंबर को 23 ड्राफ्ट बनवाए। इसमें से 22 ड्राफ्ट 49-49 हजार रुपए के और एक 22 हजार रुपए का था। यानी एक ही दिन में उन्होंने 11 लाख रुपए का ड्राफ्ट बनवाया। सभी ड्राफ्ट आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के नाम पर विभिन्न लोगों द्वारा नकद पैसे जमा कर बनवाए गए। इसके लिए पैसे कहां से आए, इसका कोई जिक्र नहीं है। किसी बैंक से पैसे निकाले जाने की भी सूचना जांच एजेंसियों के पास नहीं है। ड्राफ्ट बनवाने वाले ने सिर्फ अपना नाम लिखा है और पते की जगह धनबाद लिखा हुआ है।
पैसा उधार लेकर बनवाया ड्राफ्ट
"मेरे पिता हाल में इंडियन ऑयल से रिटायर हुए हैं। बहन का पेट्रोल पंप है। उन्हीं लोगों से पैसा उधार लेकर ड्राफ्ट बनवाया था। इसका हिसाब पूछे जाने पर जांच एजेंसियों को बता देंगे।" - सीता सोरेन, झामुमो विधायक.





