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जानलेवा व खतरनाक हो सकता है ब्रेड खाना! पढ़िए क्यों

रविशंकर सिंह. | May 18, 2012, 00:01AM IST
 
 

रांची. राजधानी में अवैध बेकरी का कारोबार धड़ल्ले से फल फूल रहा है। बेकरी कंपनियों द्वारा घटिया क्वालिटी के चीजों से ब्रेड बनाने का धंधा जोरों पर है। कई कंपनियां उपभोक्ताओं को ठगने के लिए ब्रेड के पैकेट पर न तो मैन्युफैक्चरिंग डेट लिखवा रही हैं और न हीं एक्सपायरी डेट। अनजाने में शहरवासियों द्वारा ऐसे ब्रेड का इस्तेमाल करना जानलेवा और खतरनाक हो सकता है। स्टेट फूड कंट्रोलर ने कई बेकरी कंपनियों के ठिकाने पर मारे जिसमें इस बात की पुष्टि भी हुई है।

कई कंपनियों द्वारा बिना मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट के ब्रेड बेचा जा रहा है। ब्रेड के पैकेट पर किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं लिखी जा रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं के घरों व किचन में पहुंचने वाला ब्रेड कभी भी गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचा सकता है। डीबी स्टार ने कई दुकानों का जायजा लिया। इसमें पता चला कि ब्रेड बनाने के खेल में दुकानों पर बिना मानकों के ब्रेड बेचे जा रहे हैं। इस खेल में बेकरी कंपनियों से लेकर कई दुकानदार और अफसर भी मिले हुए हैं। ऐसे में एक्सपायरी ब्रेड का इस्तेमाल शहर के उपभोक्ताओं को कभी भी अस्पताल पहुंचा सकता है। ब्रेड की खराब गुणवत्ता को लेकर स्टेट फूड कंट्रोलर के नेतृत्व में कई बेकरी कंपनियों पर छापे मारे जिसमें कई कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं से की जा रही धोखाधड़ी सामने आ गई। ऐसे में साफ है कि राजधानी की जनता को एक्सपायरी और घटिया क्वालिटी की ब्रेड परोसी जा रही है। हद तो यह है कि झारखंड ही नहीं, पूरे देश में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट लागू होने के बाद भी उपभोक्ताओं को मिलने वाली खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा है। यही नहीं, शहर में कई बेकरी कंपनियां बिना लाइसेंस के ही अफसरों को पैसे खिलाकर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने में जुटी हुई हैं।

उपभोक्ताओं को ब्रेड के ताजा होने का मिलता है दिलासा

उपभोक्ताओं को अवैध मानकों के ब्रेड बेचने के लिए दुकानदारों ब्रेड के ताजा होने का दिलासा दिलाया जाता है। दुकानदार द्वारा उपभोक्ताओं से कहा जाता है कि ब्रेड बिल्कुल ताजी है। डीबी स्टार ने अपनी पड़ताल में पाया कि दुकानदारों द्वारा जानबूझकर ऐसा किया जा रहा है। दुकानदार उपभोक्ताओं से ब्रेड के मैन्युफेक्चर और एक्सपायरी डेट मिटने की बात कहते हैं। एक दुकानदार ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि उनके दुकान पर लोकल कंपनियों के कई ब्रेड निर्माता और सेल्समैन खुद आकर ब्रेड और बन पहुंचा देते हैं। इससे उन्हें सहूलियत भी होती है। यही नहीं, दुकानदारों को ऐसे ब्रेड पर ज्यादा मार्जिन भी मिलता है, इसीलिए वे ऐसा ब्रेड बेचते हैं। ऐसे में साफ है कि ज्यादा मुनाफा के चक्कर में लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने में जुटे हुए हैं।

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट व लेवलिंग एक्ट का उल्लंघन

एक्सपायरी और अवैध ढंग से बनाए गए ब्रेड को बेचने के खेल में कई लोग वर्षों ये लगे हुए हैं। बिना किसी जांच और लेवलिंग के ब्रेड और बन की बिक्री और निर्माण गैरकानूनी है। ब्रेड के पैकेट पर एक्सपायरी, मैन्युफैक्चरिंग और बेस्ट बिफोर का डेट नहीं लिखना पूरी तरह लेवलिंग एक्ट के विरुद्ध है। यही नहीं, खाद्य पदार्थों का डिटेल नहीं देना और गुणवत्तायुक्त सामान उपभोक्ताओं को नहीं देना फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट का उल्लंघन भी है। सूबे में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट को लागू कराने को लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग भी अपने स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं कर रहा है।

कैसे हुई छापामारी

सोमवार को स्टेट फूड कंट्रोलर डॉ टीपी वर्णवाल के नेतृत्व में छह फूड सेफ्टी ऑफिसरों के साथ संयुक्त टीम बनाकर छापामारी की गई। तुपुदाना, कोकर, टाटी सिल्वे इंडस्ट्रियल एरिया व महिलौंग में छापा मारा गया। इसमें तीन जगह की बेकरी कंपनियों द्वारा मानकों के पालन नहीं करने की बात सामने आ गई। एक्सप्रेस कंफेसनरी प्राइवेट लिमिटेड, दधिचि फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स अरोमा फूड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा बनाए जा रहे ब्रेड के पैकेट पर न तो मैन्युफेक्चर डेट लिखा था और न हीं एक्सपायरी डेट। यही नहीं, छापामारी इन तीनों कंपनियों द्वारा ब्रेड के पैकेट पर यूज बिफोर की तिथि भी नहीं लिखी थी। टीम ने एसीएमओ को 10 दिन में दोबारा इस संबंध में प्रगति रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

सूचना दें, होगी कार्रवाई

उपभोक्ता बिना मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट देखे ब्रेड न खरीदें। अवैध मानकों के ब्रेड की बिक्री अथवा निर्माण किया जा रहा है तो लोग हमें सीधे सूचना दें। त्वरित कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को सूचना मिलने पर चार बेकरी कंपनियों पर छापा मारा था। तीन दोषी कंपनियों को जल्द ही नोटिस जारी किया जाएगा। इन कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की अनुशंसा करेंगे। - डॉ टीपी वर्णवाल, स्टेट फूड कंट्रोलर, झारखंड.


बिना एक्सपायरी डेट देखे न खरीदें ब्रेड

शिकायत मिलने पर हम कार्रवाई करते हैं। ब्रेड कंपनियों पर हमलोगों ने एक टीम बनाकर छापेमारी की है। अगर हमें कहीं से भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से खिलवाड़ की सूचना मिलती है तो हम तुरंत कार्रवाई करेंगे। उपभोक्ताओं को भी चाहिए कि वे बिना लेवलिंग व एक्सपायरी डेट देखे कोई भी ब्रेड व बन का पैकेट न खरीदें। समय समय पर हम विजिट भी करते हैं। - गुलाब लकड़ा, फूड सेफ्टी ऑफिसर.


विश्वास पर लेते हैं ब्रेड

ब्रेड कंपनी के लोग हमें ताजा ब्रेड कहकर ही देते हैं। सेल्समैन कहते हैं कि वे रोज ताजा ब्रेड की सप्लाई ही पूरे शहर में करते हैं। हम विश्वास पर ही उनसे ब्रेड लेते हैं। कई लोकल ब्रेड कंपनी के लोग भी आकर हमें ब्रेड लेने की बात कहते हैं। कई लोगों को तो हम मना भी कर देते हैं। - विवेक कुमार सिंह, दुकानदार.
 
 
 

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