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अब घर-घर में होगी नमक में आयोडीन की जांच
प्रमुख संवाददाता.
| Aug 08, 2012, 11:49AM IST

आंगनबाड़ी के पोषाहार और मिड डे मिल की भी होगी जांच
राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बच्चों को दिए जा रहे मिड डे मिल की भी जांच होगी।इस स्थानों पर किस नमक का प्रयोग किया जा रहा है, इसके नमूने लिए जायेंगे।राज्य के 38432 आंगनबाड़ी केंद्रों से 50 50 नमूने लिए जायेंगे। इसके अलावा 15000 प्लस टू स्कूलों, 4000 हेल्थ सब सेंटर और 3000 दुकानों से भी नमक के नमूने एकत्र किये जायेंगे।
विशेष फोर्स का गठन
"नमक की जांच के लिए विशेषटास्क फोर्स का गठन होगा। कीट के माध्यम से नमक में आयोडीन की मात्रा की जांच होगी। मानक से कम पाए जाने पर निर्माताओं और विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है।" - विद्यानंद विद्यार्थी, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी
जांच के बाद ही होगी बिक्री
टास्क फोर्स का मुख्य काम आयातित नमक में आयोडीन की मात्रा की जांच करना होगा। वैसे सीमावर्ती क्षेत्र में इंट्री प्वाइंट पर ही नमक की जांच की जाएगी। उसके बाद ही आपूर्ति या बिक्री की अनुमति दी जाएगी।
सरकार ने मांगी रिपोर्ट
राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव के विद्यासागर ने उपायुक्त को प्रेषित पत्र में खाद्य सुरक्षा मानकों का पूरी तरह अनुपालन सुनिश्चित करने और नमक की बिक्री में मानकों का उल्लंघन करनेवाले दुकानदारों की पहचान कर कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
छह माह की सजा का प्रावधान
खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2011 में दिए गए प्रावधान के अनुसार बिना आयोडीन वाले नमक की बिक्री करने पर छह माह की सजा या दो से पांच लाख रुपये तक जुर्माना किया जा सकता है।
बिक रहा आयोडीन रहित नमक
राज्य के कई इलाकों में आयोडीन रहित नमक की बिक्री की जा रही है।केंद्र सरकार ने भी इस संबंध में राज्य सरकार को सूचित किया है।झारखंड के सीमावर्ती जिले के इसकी बिक्री की जा रही है।
आयोडीन की कमी के खतरे
शरीर में आयोडीन की कमी की वजह से कई प्रकार के विकार हो सकते हैं। नमक में आयोडीन की मात्रा 15 पीपीएम से 30 पीपीएम के बीच होनी चाहिए। डा. संजय सिंह के अनुसार शरीर में आयोडीन की कमी की वजह से क्रेटिनिज्म (बच्चों का विकास अवरुद्ध होना), हाइपोथायराडीज्म (हमेशा थकावट महसूस होना व किसी भी काम में मन नहीं लगना), ब्रेस्ट कैंसर, आंत का कैंसर जैसी बीमारियों का भी खतरा रहता है।






