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PHOTOS : पुलिस पर कहर बन टूटे ग्रामीण, फोड़ डाला SP का सिर
भास्कर न्यूज.
| Jul 05, 2012, 00:01AM IST

जेसीबी पर पथराव, जलाने का प्रयास
लॉ यूनिवर्सिटी के नए हिस्से में काम के लिए जा रही जेसीबी जैसे ही धरनास्थल के पास से गुजरी, अचानक 50- 60 ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। ग्रामीणों के उग्र तेवर देख कर ड्राइवर भाग खड़ा हुआ। ग्रामीणों ने जेसीबी को जलाने का भी प्रयास किया, तो वहां प्रतिनियुक्त रैप के जवानों ने ग्रामीणों को खदेड़ दिया। भागने के क्रम में ग्रामीणों ने आईआईएम के उत्तरी छोर पर चहारदीवारी को तोडऩा शुरू किया, तो डर से मजदूर भागने लगे। कांके थाना प्रभारी एचएन सिंह ने थाना के जवानों, लाठी पार्टी और रैप के जवानों के साथ वहां से ग्रामीणों को पीछे भगाया।
गोलबंद हो महिलाएं और युवक पुलिस से भिड़े
थोड़ी देर के बाद युवाओं और महिलाओं ने गोलबंद होकर पुलिस को चुनौती देते हुए आईआईएम की चहारदीवारी को ढहाना आरंभ कर दिया। थाना प्रभारी ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की, तो महिलाओं और युवाओं ने उन पर ही डंडा तान दिया। महिलाएं उन्हें आगे नहीं बढऩे नहीं दे रही थीं। वहीं युवक मरने मारने पर उतारु थे। युवकों कह रहे थे, गोली मारनी है, तो मार दीजिए, लेकिन हम पीछे नहीं जाएंगे। भूखों मरने से अच्छा है, गोली से मरें। इस बीच पूरी ताकत से युवकों व महिलाओं ने बांस- बल्ली, कुदाल, साबल से चहारदीवारी को तोडऩा शुरू कर दिया। बीच बीच में पुलिस उन्हें रोकने का प्रयास करती रही। लेकिन अलग-अलग जत्थे में बंटे ग्रामीण चहारदीवारी को तोड़ते हुए आगे बढ़ते गए।
कार्रवाई के लिए हो रहा था मजिस्ट्रेट का इंतजार
डीएसपी बीबी तिर्की सहित अन्य वरीय पुलिस पदाधिकारी पूर्वाह्न 11.30 बजे मौके पर पहुंचे। उनके सामने भी ग्रामीण दीवार को तोड़ते हुए आगे बढ़ते रहे। इधर कार्रवाई करने के लिए पुलिस मजिस्ट्रेट का इंतजार कर रही थी। दोपहर 12 बजे कांके बीडीओ प्रेमलता मुर्मू घटनास्थल पर पहुंचीं। उनके पहुंचते ही डीएसपी बीबी तिर्की ने रैप की महिला जवानों को महिलाओं को पकडऩे का निर्देश दिया।
जवानों से भिड़ीं महिलाएं
रैप की महिला जवान जैसे ग्रामीण महिलाओं को पकडऩे के लिए आगे बढ़ीं, महिलाएं उनसे भिड़ गयीं। महिलाओं ने पुलिसकर्मियों को जम कर खरी खोटी सुनाई। काफी खींचतान भी हुई। आखिरकार पुलिस को ही पीछे हटना पड़ा। इस बीच गांव के युवक इंस्पेक्टर डीके गुप्ता से बहस करने लगे। रोकने पर युवक और महिलाएं उनसे भिड़ गए। इस बीच उनके सिर पर किसी ने ईंट दे मारी। चोटिल इंस्पेक्टर किनारे हो गए।
कैसी फोर्स है, कोई सुनता ही नहीं
हो हंगामे की सूचना पाकर सदर एसडीओ शेखर जमुआर, ग्रामीण एसपी असीम विक्रांत मिंज, एडीएम लॉ एंड आर्डर धर्मेंद्र पांडेय दोपहर 12:30 बजे घटनास्थल पर पहुंचे। उस वक्त ग्रामीण लॉ यूनिवर्सिटी की चहारदीवारी तोडऩे में लगे थे। एसडीओ ने जिला बल और रैप के जवानों को ग्रामीणों को पीछे करने को कहा। लेकिन जवान टस से मस नहीं हो रहे थे। इससे नाराज एसडीओ ने ग्रामीण एसपी से कहा कि कैसी फोर्स है, कोई सुनता ही नहीं है। तब तक ग्रामीण महिलाओं ने एसपी असीम विक्रांत मिंज को भी घेर लिया था। दोनों ओर से लाठियां तन गई थीं।
उजाड़ा गया धरनास्थल, उखाड़े गए सरना झंडे
एग्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट राजेश्वर नाथ आलोक सहित अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में पुलिस ने ग्रामीणों को खदेडऩे के बाद नगड़ी चैरा में बने धरनास्थल को ध्वस्त कर दिया। वहीं खेतों में गड़े सरना झंडा को भी उखाड़ दिया गया।
सरना झंडे का हुआ अपमान
कांके सरना समिति ने सरना झंडा को उखाडऩे की निंदा करते हुए कहा कि यह उनकी आस्था का अपमान है। पूरे क्षेत्र से सरना समाज के लोग जुट कर इसका विरोध करेंगे। वहीं ग्रामीणों की गांव में हुई बैठक में पुलिस लाठीचार्ज को बर्बरतापूर्ण कार्रवाई बताया गया। साथ ही ग्रामीणों ने कहा कि वे सरकार की दमनात्मक कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। वे अपनी जमीन को हर हाल में बचाएंगे। उनका आंदोलन जारी रहेगा। चहारदीवारी को हर हाल में पूरी तरह से ध्वस्त किया जाएगा।
फोटो - रमीज जावेद.








