दर्द ना कर सका बर्दाश्त, और लगा दी 'मौत की छलांग'!
Source: Dainik Bhaskar News | Last Updated 08:50(09/02/12)
रांची/धनबाद। दर्द से परेशान रूपेश निषाद नामक एक मरीज ने बुधवार को पीएमसीएच की छत से छलांग लगाकर आत्महत्या की कोशिश की। इस घटना में मरीज की जान तो बच गई, लेकिन उसका दाहिना पैर टूट गया। घटना के बाद युवक को इमरजेंसी में ले जाकर इलाज कराया गया। चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मरीज ने बताया कि वह दर्द से कराह रहा था। बावजूद पीएमसीएच के चिकित्सक ने उसकी सुधि नहीं ली। अंतत: उसने आत्महत्या का निर्णय लिया और छलांग लगाकर जान देने की कोशिश की।
यह है मामला
भगतडीह निवासी 28 वर्षीय रूपेश निषाद को टायफायड हुआ था। इसके कारण उसका आंत फट गया। 25 दिसंबर को पीएमसीएच में उसका ऑपरेशन किया गया। आपरेशन काफी क्रिटिकल था। मरीज के मुख्य मल द्वार को बंद कर दिया गया और मल निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था कर आंत का ऑपरेशन किया गया। मरीज के अनुसार ऑपरेशन के बाद से ही उसे दर्द होने लगा। असहनीय पीड़ा से वह लगातार कराहता था। अपनी पीड़ा चिकित्सकों को भी बताई, पर किसी ने उसकी सुधि नहीं ली। अंत में उन्होंने आत्महत्या करने की सोची। बुधवार की सुबह निचले तल्ले से दूसरे मंजिल पर गया और खिड़की से छलांग लगाई।
क्या कहते हैं डॉक्टर
रूपेश का इलाज करने वाले चिकित्सक डॉ अरुण कुमार वर्णवाल की मानें तो मरीज बिल्कुल मरणासन्न स्थिति में पीएमसीएच पहुंचा था। काफी मशक्कत के बाद उसका आपरेशन किया गया। ऑपरेशन सफल रहा और उसकी जान बच गई। एक दो दिनों में मरीज घर जाने वाला था। जहां तक दर्द की बात है, ऑपरेशन में तो दर्द होता ही है। इसे सहना पड़ेगा। दर्द निवारक दवाएं एक हद तक ही दी जा सकती है।
क्या कहता है मरीज
मरीज रूपेश निषाद ने बताया कि ऑपरेशन के बाद से ही उसे दवा नहीं दी जा रही थी। दर्द के बारे में जब भी डॉक्टर को कहता, वे डांटने लगते थे। इस कारण उसका दर्द बढ़ता ही जा रहा था। अस्पताल कर्मी भी उसे नजरअंदाज कर रहे थे। आखिरकार दर्द से निजात पाने के लिए आत्महत्या की ठान ली और ऊपरी मंजिल पर जाकर छलांग लगा दी।