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DB स्टार EXPOSE - घरेलू गैस उपकरणों के सामान खरीदने से पहले पढ़ लें यह खबर!

सरफराज कुरैशी . | Jul 17, 2012, 11:14AM IST
 
 

रांची. राजधानी में घरेलू गैस उपकरणों के नकली सामान बाजार में खुलेआम बिक रहे हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों के नाम पर धड़ल्ले से डुप्लीकेट सिलेंडर, रेगुलेटर और पाइप बेचे जा रहे हैं। इन नकली उपकरणों के कारण आगजनी की आशंका भी बनी रहती है। इसके बावजूद प्रशासन और संबंधित कंपनियों के जिम्मेदारों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं, हादसे में मिलने वाले दुर्घटना बीमा की जानकारी भी आम लोगों को नहीं दी जाती है। जबकि, गैस कनेक्शन लेते ही 25 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा पॉलिसी में उपभोक्ता शामिल हो जाते हैं, लेकिन प्रचार प्रसार की कमी के कारण उपभोक्ता को इसकी जानकारी तक नहीं होती।

शहर में घरेलू गैस सिलेंडर के अलावा इनके नकली सामान का मार्केट भी तैयार हो चुका है। इंडेन, एचपी और भारत गैस के नाम पर सिलेंडर, रेगुलेटर और पाइप गलियों में बिक रहे हैं। जबकि, यह रेगुलेटर और गैस पाइप मानकों के अनुसार नहीं हैं। इसके कारण आगजनी की घटनाएं भी हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार इस पर अंकुश लगाने में नाकामयाब हो रहे हैं। राजधानी में अभी भी एक्सपायर्ड सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है। डीबी स्टार की टीम ने शहर के कई इलाकों का जायजा लिया। टीम ने पाया कि शहर के मुख्य बाजारों के अलावा गली-मुहल्ले में भी गैस सिलेंडर से संबंधित उपकरण बिक रहे हैं। वहीं, टीम ने गैस उपभोक्ताओं से बात की तो पता चला कि उन्हें कनेक्शन लेने पर मिलने वाली बीमा के बारे में कोई जानकारी नहीं है। जबकि, कनेक्शन लेते ही उपभोक्ता का 25 लाख रुपए तक का बीमा हो जाता है। दरअसल गैस कंपनियां और एजेंसी वाले उपभोक्ताओं को नियमों और उनके हित में चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी नहीं दे रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में झारखंड एलपीजी गैस डीलर एसोसिएशन के महासचिव रवि भट्ट का कहना है कि उपभोक्ताओं को पूरी जानकारी दी जाती है। इसके बावजूद अधिकतर उपभोक्ता निर्देशों का पालन नहीं करते।

गैस एजेंसियों द्वारा उपभोक्ताओं को बाजार में मिलने वाले रेगुलेटर और पाइप आदि नहीं खरीदने का निर्देश दिया जाता है। इसके बावजूद उपभोक्ता सस्ते के चक्कर में इस नकली सामान को खरीदते हैं। जिसके कारण दुर्घटना की संभावना भी काफी हद तक बढ़ जाती है। ऐसे में हादसा होने पर उपभोक्ताओं को बीमा राशि से भी वंचित रहना पड़ता है। गैस सिलेंडर उपकरण मेन रोड, अपर बाजार, चर्च रोड, डोरंडा, हिनू और धुर्वा सहित राजधानी के कई गली-मोहल्ला में बेचे जा रहे हैं। इसकी जानकारी गैस कंपनियों से लेकर जिला खाद्य विभाग के अधिकारियों को भी ह,ै लेकिन इस पर रोक लगाने के लिए किसी तरह की मुहिम नहीं चलाई जा रही है।

उपभोक्ता का होता है बीमा

गैस कनेक्शन लेते ही उपभोक्ता 25 लाख की इंश्योरेंस पॉलिसी में शामिल हो जाते हैं। इसके लिए उपभोक्ताओं से किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता है। बीमा क्लेम के लिए कई शर्तें हैं। उपभोक्ता को क्लेम कंपनी द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों पर अमल करने में ही मिलता है। इसके अलावा अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उपभोक्ता को अधिकृत एजेंसियों से ही गैस के उपकरण खरीदना चाहिए। - रवि भट्ट, महासचिव, झारखंड एलपीजी डीलर एसोसिएशन

25 लाख रुपए तक का होता है जीवन बीमा

पेट्रोलियम कंपनी की अधिकृत एजेंसी से गैस कनेक्शन लेने पर प्रत्येक उपभोक्ता का 25 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा होता है। इसके बाद सिलेंडर से किसी भी तरह की आगजनी होने पर क्लेम किया जा सकता है। सामूहिक घटना होने पर 50 लाख रुपए का प्रावधान है। घायल होने पर इलाज का पूरा खर्च भी बीमा कंपनी उठाती है। उपभोक्ता को बीमा का लाभ उठाने के लिए एजेंसियों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।


ऐसे कर सकते हैं उपभोक्ता क्लेम

गैस सिलेंडर से दुर्घटना होने पर 24 घंटे के भीतर उपभोक्ता या परिजनों द्वारा संबंधित एजेंसी और पुलिस थाने को सूचना देनी होती है। मौत होने पर मृत्यु प्रमाण-पत्र एजेंसी को उपलब्ध करवाना होता है। क्षेत्रीय कार्यालय को प्रमाण-पत्र सौंप दिया जाता है, जिसे वे संबंधित बीमा कंपनी को दे देते हैं। बीमा कंपनी जांच के बाद उपभोक्ता को पैसा जारी करती है।

क्लेम के लिए ये शर्तें करनी होंगी पूरी

> कनेक्शन पेट्रोलियम कंपनियों से अधिकृत एजेंसी से लिया गया हो।

> एजेंसी से मिले रेगुलेटर और पाइप का ही इस्तेमाल करें।

> आईएसआई अप्रूव्ड चूल्हे का उपयोग होना चाहिए।

> लापरवाही से गैस सिलेंडर इस्तेमाल होने पर क्षतिपूर्ति नहीं दी जाएगी।

> गैस सिलेंडर इस्तेमाल की जगह यानी किचन संकुचित नहीं होना चाहिए।

> किचन में सही वेंटिलेटर का होना आवश्यक है।

> किसी तरह का ज्वलनशील पदार्थ भी नहीं होने चाहिए।

> गैस सिलेंडर की जगह पर बिजली के तार खुले न हों।

> घटना होते ही अपने वितरक और संबंधित थाना को इसकी जानकारी दी जाती है।

सीधी बात : उदय कुमार, चीफ एरिया मैनेजर, आईओसी


प्रशासन करे कार्रवाई

राजधानी के बाजार में गैस उपकरण बिक रहे हैं?

हमारे अधिकृत एजेंसियों के अलावा बाजार में गैस उपकरण बेचना बिल्कुल गलत है।।

इससे क्या नुकसान हो रहा है?

डुप्लीकेट उपकरणों के प्रयोग से दुर्घटना का खतरा अधिक बढ़ता है। उपभोक्ताओं को जागरुक होना होगा।

इस पर रोक क्यों नहीं लग रहा है?

देखिए दुकानों में छापामारी करने का अधिकार हमारा नहीं है। प्रशासन को गली-मोहल्ले में गैस उपकरण बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
 
 
 

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