यहां पंडाल या मंदिर में नहीं बल्कि पेड़ के नीचे होती है दुर्गापूजा

रांची/कतरास. काको मठ तथा राजबाड़ी में बेल के पेड़ के नीचे देवी दुर्गा का आवाहन किया गया। बेलवरण पूजा के दौरान नवपत्रिका पूजा की गई। नवपत्रिका को बेल के पेड़ के नीचे से नियम पूर्वक लाकर मंदिर में स्थापित किया गया। मठाचार्य श्रीमद हृषिकेशाश्रम महराज व दंडिस्वामी सुरेश्वराश्रम जी की देखरेख में पूजा हुई।
पंडित अर्जुन पांडेय ने पूजा अर्चना कराई। राजबाड़ी में आचार्य कृष्णा भट्टाचार्य व वासुदेव पांडेय ने नियमानुसार षष्ठी पूजन का कार्य संपन्न करवाया। डुमरा राजबाड़ी में भी षष्ठी पूजा का आयोजन विधि विधान के साथ किया गया। इसके अलावा शहर के रानी बजार, रेलवे इंस्टीच्यूट, केशलपुर मार्ग, जीएनएम मैदान, मालगोदाम, बंगालपाड़ा, कतरी नदी किनारे, तिलाटांड़ अस्पताल, कतरास राजबाड़ी, डाक्टर पाड़ा, लकड़का, मालकेरा, भेलाटांड मैदान, टाटा सिजुआ, मोदीडीह कोलियरी, सिजुआ स्टेशन रोड, रिक्रिएशन क्लब आदि इलाकों में भी षष्ठी पूजा की गई।







