झारखंड की कंपनी ने की धोखाधड़ी, MP में मामला दर्ज

भोपाल/रांची। मध्यप्रदेश के आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने निवेशकों को कम समय में आकर्षक ब्याज पर पैसा लौटाने के नाम पर कम से कम दस लाख रूपयों की धोखाधडी के सिलसिले में एक कथित कंपनी के दो कर्ताधर्ताओं समेत तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करके उनकी तलाश शुरू कर दी है।
ईओडब्ल्यू सूत्रों ने आज बताया कि मुख्य आरोपी धीरेन रावानी, प्रबंध संचालक, रेनबो स्मार्ट सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, मुख्यालय धनबाद, झारखंड के अलावा संचालक धनबाद निवासी ही मुकेश सिंह और जबलपुर के रांझी क्षेत्र निवासी दिवाकर गुप्ता (40) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
सूत्रों ने उसे प्राप्त शिकायतों के हवाले से कहा कि कंपनी का मुख्यालय धनबाद में है और उसके पदाधिकारियों ने लोगों को सदस्य बनाया था। सदस्य बनाते समय कहा गया था कि दस हजार रूपए प्रतिमाह 14 माह तक कंपनी में जमा करने पर तीन लाख 27 हजार 660 रूपए वापस किए जाएंगे। इसे 'सिस्टमैटिक इनकम प्लान' नाम दिया गया था। इस तरह झांसे में आए एक सौ से अधिक लोगों से कंपनी ने कम से कम दस लाख 20 हजार रूपए जमा कराए।
कंपनी ने जबलपुर के रांझी क्षेत्र के मोहनिया गांव में 50 करोड रूपयों की लागत से अस्पताल के लिए जमीन खरीदने की जानकारी भी दी थी, जो बाद में झूठी निकली। निवेशकों ने शक होने पर कंपनी से पैसे वापस मांगे। लेकिन वह लौटाए नहीं गए। इसके बाद निवेशकों ने ईओडब्ल्यू में शिकायत दर्ज करायी।
जांच में पता चला कि कंपनी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों का व्यवसाय करने के लिए पंजीकृत भी नहीं है। आरोपियों के खिलाफ धोखाधडी के साथ ही इनामी चिट और धन परिचालन स्कीम .पाबंदी. अधिनियम 1978 की धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।







