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गिर कर हुई बेहोश और बिकने से बच गई अफसाना!

भास्कर न्यूज. | Jul 13, 2012, 12:22PM IST
 
 

रांची. पंडरा की अफसाना गुरुवार को बिकने से बच गई। दो दिन पहले किसी के बहकावे में घर से निकली अफसाना गुरुवार सुबह नौ बजे एक और लड़की के साथ समाहरणालय पहुंची। समाहरणालय की सीढ़ी पर ही दोपहर 12.15 बजे वह गिर कर बेहोश हो गई। बड़ी मशक्कत से एक घंटे बाद सदर अस्पताल पहुंची। शाम में पिता के साथ घर भेज दिया गया। इस दौरान अधिकांश समय वह लगभग अचेत ही रही। कभी होश में आती, तो कभी बेहोश सी हो जाती थी। उसने बताया कि किसी व्यक्ति ने उसे रांची लाया था। उसी ने उसे दो दिन रखा। वह उसे बेचना चाहता था। जहां से वह अपने बारला मौसा, जो समाहरणालय में काम करते हैं, से मिलने आ गई थी। बेहोशी के दौरान उसके हाथ में एक पर्ची मिली है, जिस पर 9661378600 नंबर लिखा हुआ है।

समाहरणालय में ही नहीं मिली गाड़ी

अफसाना दोपहर 12.15 में समाहरणालय की सीढ़ी पर गिरकर बेहोश हो गई। वहां लोगों की भीड़ जुट गई। गेट पर तैनात होमगार्ड के जवान रंजीत कुमार, पंकज व एहसान उसे पंखा पानी आदि के सहारे होश में लाने की कोशिश करने लगे। समाज कल्याण विभाग की मैडम कंचन लड़की को अस्पताल ले जाने के लिए गाड़ी की व्यवस्था में जुटी रहीं, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी एक घंटे तक समाहरणालय परिसर में गाड़ी नहीं मिली। जबकि समाहरणालय में दर्जनों गाडिय़ां खड़ी थीं। ईटकी थाना की गाड़ी के चालक ने कहा कि डीजल नहीं है, तो कई चालक गाड़ी छोड़ नीचे आ गए। हद तो यह है कि पुलिस व प्रशासन के वरीय पदाधिकारी वहां से आते-जाते रहे, लेकिन किसी ने उसे अस्पताल पहुंचाना उचित नहीं समझा।

बिना कुछ बोले निकल गई घर से

पंडरा के कुरू निवासी अफसाना के पिता मो. शरफुल ने बताया कि मंगलवार को 10.30 बजे वह बिना कुछ बोले घर से निकल गई थी। इसकी सूचना पुलिस को भी दी गई। गुरुवार को सदर अस्पताल से फोन गया कि उनकी बेटी यहां भर्ती है। इलाज के बाद पुलिस ने भी अफसाना से पूछताछ की है। लेकिन अभी भी वह कुछ भी नहीं बता पा रही है। उन्होंने बताया कि अफसाना इसी वर्ष लोहरदगा के मराडी हाई स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा पास की है।

ग्रह शांति का लिया था पत्थर

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अफसाना सुबह नौ बजे से ही एक अन्य लड़की के साथ समाहरणालय की सीढ़ी पर बैठी थी। इस बीच वह एक पत्थर और अंगूठी बेचने वाले के पास भी गई थी। समाहरणालय परिसर में अंगूठी बेचने वाले उस व्यक्ति ने बताया कि उस लड़की ने नौकरी मिलने और ग्रह शांति के लिए 50 रुपए में अंगूठी ली थी। उसने कहा कि वह कुछ खाई नहीं है, तो दुकानदारों ने दो पकौड़े मंगा कर खिलाए थे।
 
 
 

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