राज्यदिल्ली
मध्य प्रदेश
राजस्थान
छत्तीसगढ़
हिमाचल
पंजाब
हरियाणा
चंडीगढ़
उत्तर प्रदेश
बिहार
झारखंड
महाराष्ट्र
गुजरात
जम्मू-कश्मीर
मंत्रियों ने दिखाया सरकार के आदेश को ठेंगा, ले रहे सफारी संग इंडिवर का भी मजा
जीतेंद्र कुमार. | Jul 09, 2012, 11:00AM IST

राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2011-12 में मंत्रियों के लिए टाटा सफारी खरीदी। इस पर लगभग 1.24 करोड़ रुपए खर्च किए गए। मुख्यमंत्री और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी को छोड़ सभी 10 मंत्रियों को सफारी उपलब्ध कराई गई। सभी मंत्रियों को सफेद सफारी दी गई, वहीं हेमंत सोरेन की इच्छा पर डीप ब्लू कलर की सफारी दी गई। हाजी हुसैन अंसारी ने इसलिए नई सफारी नहीं ली, क्योंकि कुछ माह पूर्व ही उन्हें सफेद रंग की नई इंडिवर गाड़ी दी गई थी, जो सफारी से लगभग दोगुणी कीमत की है। इसके बाद कैबिनेट ने सभी मंत्रियों से पुरानी इंडिवर लौटाने का निर्देश दिया। लेकिन अब तक छह मंत्रियों ने इंडिवर नहीं लौटाई है।
तैयार है जवाब, जरा इनकी भी सुनिए
गाड़ी खड़ी है। इंडिवर को लौटा देंगे। जल्दी लौटा देंगे। उसका उपयोग कहां कर रहे हैं। कभी-कभी जरूरी पडऩे पर इसका उपयोग होता है। - चंपई सोरेन, परिवहन सह कल्याण मंत्री
मैंने सरकार से कहा था कि अभी इंडिवर रहने दे। क्योंकि गाड़ी खराब हो जाने पर कभी-कभी परेशानी होती है। इसके बाद सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आया। - बिमला प्रधान, समाज कल्याण मंत्री.
सरकार ने नई सफारी दी है। इंडिवर भी मेरे पास है, इसे लौटा ही देंगे। उसको लौटाने में मुझे कोई परेशानी थोड़े ही है। जल्द से जल्द लौटा देंगे। - सत्यानंद झा बाटुल, कृषि मंत्री






