धनबाद/रांची। धनबाद गोल्फ ग्राउंड में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन शुक्रवार को आचार्य मृदुल कृष्ण जी महाराज ने सत्य-असत्य, धर्म-अधर्म और मां की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी इंसान को मां पुण्य प्रताप से मिलती है। यह पुण्य परमात्मा की पूजा और आराधना से ही प्राप्त होता है। मां के कर्ज को चुकाया नहीं जा सकता। मां अपने बच्चों को पालने के लिए कितना कष्ट उठाती है, यह सर्वविदित है, लेकिन वहीं बच्चे बड़े होकर अधर्म की राह पर चल पड़ते हैं। अधर्मी बच्चे ही अपने माता-पिता को कष्ट देते हैं। मां, बाप को परेशान करना भी अधर्म की श्रेणी में ही आता है। भगवान ने अपनी मूर्ति के रूप में मां को संसार में उतारा है। कथा का रसपान कराते हुए आचार्य ने कहा कि झूठ अहंकार की जननी है। झूठ के सहारे कुछ समय के लिए ऊंचा पद मिल सकता है, लेकिन यह पद अधिक दिनों तक नहीं रह पाता।
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