रांची. वक्त से ताकतवर दुनिया में कोई चीज नहीं। कब इसका मिजाज बदल जाए और इंसान फर्श से उठकर अर्श पर या अर्श से लुढ़कर फर्श पर गिर जाए, पता नहीं चलता। इनके साथ भी कभी वक्त बहुत मेहरबान हुआ करता था। राज्य में इनकी सरकार थी। शासन-प्रशासन में तूती बोलती थी। किसी कि क्या मजाल जो इनके खिलाफ खांस भी दे। आलीशान बंगलों में मजलिसें लगा करती थीं। पूरे राज्य में कानून के ऊपर अपना कानून चलता था इनका। पर, वक्त ने ऐसा पलटी मारा है कि जेल में चक्की पीसते दिन बीत रहे हैं। कभी आम सिपाही पीट डालते हैं तो कभी गंदा खाना का विरोध करने के लिए धरने पर बैठना पड़ता है।
मार्च, 2005 से लेकर जनवरी, 2009 के बीच झारखंड की चार सरकारों को बनाने और गिराने में अहम भूमिका अदा करने वाले पांच पूर्व मंत्री सलाखों के पीछे अपनी किस्मत पर आंसू बहा रहे हैं।
इन तस्वीरों की जुबानी आप भी सुनिये दास्तान...