रांची/चक्रधरपुर।इंसान हो या जानवर मां का प्यार-दुलार सब में दिखता है। कुछ ऐसा ही दिखा सोंगरा रेज के बंइका गांव में। कुएं में गिरे एक शिशु हाथी की चिंघाड़ सुन कर उसकी मां से रहा नहीं गया और वह कुएं में कूद पड़ी। 17 घंटे तक जिंदगी और मौत से लड़ती हथिनी हर पल अपने शिशु को बचाने में लगी रही। बुधवार की शाम से गुरुवार 12 बजे तक दोनों कुएं में फंसे रहे। सूचना मिलते ही वन अधिकारी मौके पर पहुंचे और जेसीबी मशीन लगाकर दोनों के लिए रास्ता बनवाया। इसी रास्ते से हथिनी और शिशु हाथी को निकाला गया। इस नजारे को देखने के लिए सैकड़ों लोग वहां मौजूद थे।
क्षतिपूर्ति राशि के लिए सायतोपा के रेंजर को घेरा
सायतोपा के रेंज ऑफिसर सत्येन्द्र कुमार को कोटसाना व बाइंका के किसानों ने घेर लिया। वे फसल की हुई क्षतिपूर्ति की मांग कर रहे थे। इस दौरान किसानों ने जेसीबी को भी घंटों रोके रखा। रेंज ऑफिसर के आश्वासन के बाद ही उन्हें वहां से जाने दिया गया।
8.99 एकड़ में लगी फसल को रौंदा
कोटसाना व बाइंका का में बीती रात हाथियों के झुंड ने किसानों के आठ एकड़ से भी अधिक जगह पर फसल को नुकसान पहुंचाया। किसानों ने लिखित रूप से रेंज ऑफिसर सत्येन्द्र कुमार को दी है ।
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