'लौट आओ राजस्थान, ऐसे राज्य में क्यों रहना। जैन परिवार रांची छोड़ने का बनाया मन

रांची . उद्योगपति ज्ञानचंद जैन का परिवार रांची से पलायन कर सकता है। घर के मुखिया की हत्या के बाद रिश्तेदार उनके पुत्र पंकज जैन व अन्य परिजनों को रांची छोडऩे की सलाह दे रहे हैं। पंकज के मामा हाईकोर्ट के जस्टिस रहे एमसी जैन ने फोन पर कहा, 'लौट आओ राजस्थान। ऐसे राज्य में क्या रहना।
उन्होंने जैन के समधी पूर्व आईएएस अफसर एमपी अजमेरा से भी फोन पर बातचीत की। इसके बाद पंकज ने अपनी मां व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रांची छोडऩे पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। जैन की हत्या के बाद यहां पहुंचे उनके अन्य रिश्तेदार भी चाहते हैं कि जैन परिवार रांची छोड़कर राजस्थान में बस जाए। उनका तर्क है कि झारखंड, खासकर रांची में कानून-व्यवस्था की स्थिति काफी बदतर है।
यहां उद्योग चलाना या व्यवसाय करना मुश्किल हो गया है। कब किसकी जान चली जाए, इसकी कोई गारंटी नहीं है। जयपुर से आए एक रिश्तेदार डॉ. सुरेंद्र जैन काला व इंदौर से आए डॉ. उपेंद्र सोनी ने परिजनों से कहा कि ऐसी अराजक स्थिति उन्होंने किसी अन्य राज्य में नहीं देखी। पहले भी जब ज्ञानचंद जैन से उनकी बात होती थी, यहां के बारे में गलत धारणा ही बनती थी।
रातू की फैक्ट्री बंद करने की योजना
परिजन रातू के सिमलिया गांव स्थित टायर रिसाइक्लिंग फैक्ट्री को भी बंद करने की योजना बना रहे हैं। इसी फैक्ट्री से घर लौटते समय जैन का अपहरण कर लिया गया था। जिस समय यह फैक्ट्री लगाई जा रही थी, उस समय भी अपराधियों ने उन्हें काफी परेशान किया था। जमीन की बाउंड्री बनाते समय भी उनसे रंगदारी मांगी गई थी। लेकिन वे डिगे नहीं। उनका मानना था कि फैक्ट्री से गांव के लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कई लोगों को नौकरी भी दी, मगर उनके ही कर्मचारी ने उनकी जान ले ली।
पहले भी अपराधियों ने सताया था
जैन परिवार की पहले कोकर इंडस्ट्रियल एरिया में मोबिल की फैक्ट्री थी। अपराधियों के कारण ही उन्हें यह कारोबार समेटना पड़ा। फिर उन्होंने मिनरल वाटर का उद्योग लगाया, लेकिन असामाजिक तत्वों की दादागिरी व कुछ अन्य कारणों से उसे भी बंद करना पड़ा। पिछले साल 27 मई को रंगदारी के लिए उनके आवास पर गोली भी चलाई गई थी।







