Home » Jharkhand » Ranchi » News » Story Of The Bravery Of Albert Ekka With Pictures

PICS : सांसें थमने को ही थीं, फिर भी डेढ़ KM पीछे धकेल दिया था दुश्मनों को

Pankaj Saw | Dec 05, 2012, 00:03AM IST
PICS : सांसें थमने को ही थीं, फिर भी डेढ़ KM पीछे धकेल दिया था दुश्मनों को

रांची। वीरता, त्याग, तपस्या की भावनाएं भारतभूमि की परंपरा रही हैं। भारतमाता के सपूतों के लिए वीरगति को प्राप्त होना स्वर्ग प्राप्त होने के बराबर माना गया है। इस धरती पर एक से एक वीर हुए जिन्होंने मुल्क की सरहद को माता का वस्त्र मानकर उसकी रक्षा के लिए अपनी जान दे दी। आज हम एक ऐसे ही शहीद की कहानी पेश कर रहे हैं। मरणोपरांत परमवीर चक्र प्राप्त करने वाले भारत मां के इस बहादुर बेटे का नाम था अलबर्ट एक्का। लांस नायक अलबर्ट एक्का ने 1962 के भारत-चीन युद्ध में अपनी बहादुरी दिखाई ही पर उसके बाद 1971 के भारत पाक युद्ध में जो काम अकेले कर दिखाया, वह शायद उनके बिना मुश्किल था। अलबर्ट एक्का ने इस युद्ध में पाकिस्तानी सेना को डेढ़ किलोमीटर तक पीछे धकेल दिया था और गंगासागर अखौरा को पाक फौज के नापाक कब्जे से आजाद कर दिया था। इस अभियान के समय वे काफी घायल हो गये थे और 3 दिसम्बर 1971 को इस दुनिया से विदा हो गए थे। लांस नायक अलबर्ट एक्का बिहार रेजीमेंट के चौदहवीं बटालियन में थे। ये पूर्वी भारत के प्रथम परमवीर चक्र विजेता हुए।


अब तस्वीरों की जुबानी सुनिए भारत मां के वीर सपूत अलबर्ट एक्का की बहादुरी की कहानी...

आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
1 + 5

 
विज्ञापन
 

क्राइम

Ethical voting

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

स्पोर्ट्स

बिज़नेस

जोक्स

पसंदीदा खबरें

फोटो फीचर

 
Email Print Comment