विज्ञापन
 
Home >> Jharkhand >> Ranchi >> News >> Tagore Hill Where Tagore Family Lived For A Long Time

PICS : इस पहाड़ी पर रहता था एशिया के पहले नोबेल विजेता का परिवार

1 of 9 Photos

रांची। अपनी विश्वप्रसिद्ध रचना  'गीतांजलि' के लिए एशिया में पहले नोबेल विजेता का सम्मान प्राप्त करने वाले गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर को कौन नहीं जानता। गुरुदेव ने अपनी प्रतिभा के बल पर देश-विदेश के बडे विचारकों, लेखकों के बीच अपनी जगह बनाई और राष्ट्रकवि कहलाए। टैगोर परिवार तो मूलतः कोलकाता निवासी था, पर उनका रांची से भी गहरा नाता रहा है। रांची आज नवोदित राज्य झारखंड की राजधानी है पर उस जमाने में अपने सुहावने मौसम के लिए अंग्रेंजों की ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में प्रतिष्ठित था। 

 

ऊपर जो तस्वीर दिखाई दे रही है वह रांची का टैगोर हिल की है। यह पहाड़ी कभी शहर से करीब 4 किलोमीटर दूर थी पर अब शहर ही फैलते फैलते उसके करीब पहुंच चुका है। इस पहाड़ी का नामकरण गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर के बड़े भाई ज्योतिंद्रनाथ टैगोर के नाम पर ही हुआ है। इससे पहले यह मोरहाबादी पहाड़ के नाम से जाना जाता था। ज्योतिंद्रनाथ ने इस पहाड़ी को वहां के जमींदार हरिहर सिंह से सन् 1908 में खरीदा था। 

 

आखिर रांची क्यों आए ज्योतिंद्रनाथ, क्यों खरीदा पहाड़? रोचक घटनाक्रम जानने के लिए आगे की तस्वीरों पर क्लिक करें।


आपके विचार
 
 
कोड:
3 + 6

 
Ad Link
विज्ञापन
विज्ञापन
 
 
 
 
Sabse Bada Match Fixer Contest
 
 

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

क्रिकेट

बिज़नेस

जोक्स

पसंदीदा खबरें

Email Print Comment
Email Print Comment