रिम्स होगा हाईटेक, तैयारी शुरू
Source: पुष्पगीत | Last Updated 04:24(05/02/12)
रांची। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) जल्द ही देश के उन बड़े मेडिकल कॉलेजों की सूची में शामिल होगा, जो हाईटेक हैं और कई बड़े चिकित्सा संस्थानों से ऑनलाइन जुड़े हैं। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके तहत प्रबंधन जल्द ही रिम्स शासी निकाय से इस योजना को पारित कराएगा। इस बाबत विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि अपना डेमो पेश कर चुके हैं। योजना में आने वाली लागत का ब्योरा जुटाया जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत रिम्स आने वाले मरीजों की सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी, वहीं संस्थान में पढ़ने वाले छात्रों को अत्याधुनिक लाइब्रेरी और रिसर्च के लिए बेहतर संसाधन मिलेगा। संस्थान के निदेशक डॉ. तुलसी महतो का कहना है कि मॉडर्न साइंस के साथ खुद को अपडेट रखना जरूरी है, वरना तकनीक की दुनिया में पिछड़ने का खतरा रहता है।
अत्याधुनिक होगी लाइब्रेरी, सुरक्षा के होंगे इंतजाम
बनेगा डाटा बैंक
> मरीजों का डाटा बैंक बनेगा जो मेडिकल रिकॉर्ड विभाग (एमआरडी) से जुड़ा होगा। यह सिस्टम रजिस्ट्रेशन काउंटर व विभागों से जुड़ा रहेगा। एमआरडी में विभिन्न रोगों की कोडिंग होगी, ताकि जरूरत पर डाटा मिल सके।
सीसीटीवी कैमरा
> रिम्स में इमर्जेसी, ओपीडी, लाइब्रेरी आदि स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। इससे संस्थान में घटित हर घटना की रिकॉर्डिग हो सकेगी। प्रबंधन का तर्क है कि हंगामा या मारपीट के मद्देनजर ये कैमरे जरूरी हैं।
ऑनलाइन जर्नल
> रिम्स में हाईटेक लाइब्रेरी की व्यवस्था की जाएगी। यह ऑनलाइन होगा। इसे कॉकरेन लाइब्रेरी कहा जाता है। सब्सक्रिप्शन लेने के बाद रिम्स के डॉक्टर, जूनियर डॉक्टर और मेडिकल छात्र ई लाइब्रेरी का लाभ उठा सकेंगे।
महत्वपूर्ण योजना है
मैं निदेशक के रूप में रिम्स को हाईटेक बनाने की योजना पर काम कर रहा हूं। अब यहां के डॉक्टर, छात्र व मरीजों के हित में कंप्यूटराइजेशन के काम हो रहे हैं। जल्द ही इसके परिणाम सामने आएंगे।
डॉ. तुलसी महतो, निदेशक, रिम्स