Home » Jharkhand » Ranchi » News » The Story Of Kosaigarh Fort In Pics

मुगलों को हिम्मत नहीं हुई इस किले पर हमला करने की! तस्वीरों में पूरी दास्तान

दुर्जय पासवान | Dec 29, 2012, 00:00AM IST
मुगलों को हिम्मत नहीं हुई इस किले पर हमला करने की! तस्वीरों में पूरी दास्तान

रांची/गुमला। करीब 400 साल पहले वर्तमान झारखंड के इस वनाच्छादित क्षेत्र में नागवंशियों राजाओं का शासन था। तब यह पूरा क्षेत्र छोटानागपुर कहलाता था। राजधानी रांची से करीब 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित डोइसागढ़ में उनकी निशानियां जीर्ण-शीर्ण अवस्था में आज भी शान से खड़ी हैं और नागवंशी शासन के गौरवशाली अतीत की गाथा सुना रही हैं। कभी पांडव वंश के राजा परीक्षित को समाप्त करने वाले तक्षक के इन वंशजों से मुगल भी टकराए लेकिन इन्होंने हार नहीं मानी।


डोइसागढ की कहानी शुरू होती है राजा दुर्जनशाल से, जिन्होंने गद्दी संभालते ही मुगलों की अधीनता ठुकरा दी और मालगुजारी देना बंद कर दिया। मुगल बादशाह जहांगीर को एक भारतीय राजा का यह चैलेंज नागवार गुजरा। जहांगीर को यह भी मालूम था कि कोकरह (अब छोटानागपुर) ती नदियों से हीरा निकलता है। मालगुजारी का बहाना बनाकर उसने सन् 1615 में इब्राहिम खां को दुर्जनशाल पर चढ़ाई कर हीरों की खानों पर कब्जा करने का आदेश दे दिया। अचानक कायरतापूर्ण हमले से राजा संभल न सके और गिरफ्तार कर लिए गए।


अब आगे की कहानी तस्वीरों के साथ जानने के लिए क्लिक करें आगे...

BalGopal Photo Contest
आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
1 + 8

 
विज्ञापन

बड़ी खबरें

BalGopal Photo Contest

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

स्पोर्ट्स

जोक्स

पसंदीदा खबरें

फोटो फीचर

 
Email Print Comment