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कैंसर, किडनी और दिल के रोग का इलाज होगा सस्ता
भास्कर न्यूज।
| Nov 30, 2012, 12:56PM IST

सरकार ने दवा निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधियों को सूची में शामिल दवाओं की कीमत 20 से 30 फीसदी कम करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कंपनियों से बाजार में बिक रही दवाओं की संशोधित कीमत मांगी है। रेट लिस्ट मिलने के बाद मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर के अधिकारी उनका मूल्यांकन कर, दवाओं की संशोधित कीमत जारी करेंगे।
"सूचना मिली है कि 348 एसेंशियल दवाओं के दाम कम होंगे। किसी दवा का प्राइस कंट्रोल और उसका निर्धारण सरकार करती है। वहां दर निर्धारण के बाद रिजन और फिर स्टेट को सूची मिलती है। हमें अब तक प्राइस कंट्रोल्ड ड्रग्स की सूची नहीं मिली है। हमारा काम यह देखना है कि सरकार की ओर से मूल्य निर्धारित करने की तिथि के बाद कंपनी द्वारा निर्मित दवाओं की कीमत उसके समान हो।" - सुजीत मुखोपाध्याय, एक्टिंग ड्रग कंट्रोलर, झारखंड।
25 फीसदी सस्ती होगी कीमोथैरेपी
मेहरबाई टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल (एमटीएमएच) के डॉ. नफीस अख्तर ने बताया कि प्राइस कंट्रोल्ड ड्रग्स में कैंसर मरीजों की 20 प्रकार की दवाएं शामिल हैं। ये ऐसी दवाएं हैं, जिनका उपयोग कैंसर मरीज की कीमोथैरेपी में होता है। इससे ब्रेस्ट और लंग कैंसर के मरीज की कीमोथैरेपी में उपयोग होने वाला पेक्लीटेक्सिल इंजेक्शन वर्तमान में बाजार में आठ हजार रुपए का मिलता है, जो दो महीने बाद साढ़े पांच से छह हजार रुपए में मिलेगा। साथ ही कैंसर के इलाज के लिए उपयोग में आने वाली अन्य दवाओं की कीमत में कमी आएगी। अनेक बार ऐसा देखने को मिलता है कि कुछ हजार रुपए नहीं होने की वजह मरीज दवा लेना छोड़ देते हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों व उनके परिजनों को काफी राहत मिलेगी।
दवाओं का मासिक खर्च 20 फीसदी तक होगा कम
महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के डॉ. एसी अखौरी ने बताया कि प्राइस कंट्रोल्ड ड्रग्स में हृदय रोगियों के इलाज में उपयोग होने वाली करीब डेढ़ दर्जन दवाएं शामिल हैं, जो मरीज को एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी के पहले और बाद में दी जाती है। अभी दवा कंपनियां अपने हिसाब से दवाओं की कीमत तय करती हैं, पर कीमत निर्धारण अधिकार सरकार को मिलने से मरीजों को महंगी दवा खरीदने से राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक हृदय रोगी का दवा का खर्च अगले दो महीने में 20 फीसदी घट जाएगा।






