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अधिकारियों की सांठ-गांठ और काउंटरों पर बिचौलियों का दबदबा, भूल जाईये तत्काल टिकट
विकास श्रीवास्तव.
| Jul 06, 2012, 00:03AM IST

तत्काल टिकट कराने में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर में टाटानगर रेलवे रिजर्वेशन काउंटर के अलावा चार अलग-अलग स्थानों पर रिजर्वेशन काउंटर खोले गए हैं। लेकिन यहां बिचौलिए की तूती बोलती है। उनके आगे रेलवे प्रशासन के तमाम दावे झूठे साबित हो रहे हैं। उधर, टाटानगर रेलवे रिजर्वेशन काउंटर के समक्ष हाल ही में कुछ बिचौलिए की गिरफ्तारी हुई थी। इसके बाद वे मुख्य काउंटर को छोड़कर टेल्को, साकची, बिष्टुपुर और मानगो में संचालित रेलवे रिजर्वेशन काउंटर पर सक्रिय हो गए हैं। यहां दलालों के मनमाफिक लोगों को टिकट लेने में आसानी होती है। डीबी स्टार की टीम को लगातार इस बात की जनकारी मिल रही थी। खबर की पड़ताल करने टीम टेल्को स्थित रिजर्वेशन काउंटर पहुंची।
टीम ने देखा कि बिचौलिए यहां काफी सक्रिय हैं। वे टिकट काउंटर पर मारपीट करने में बाज नहीं आते हैं। उन्होंने गलत तरीके से लिस्ट सिस्टम का चलन शुरू किया है। यह महज दिखावा होता है। काउंटर खुलने से महज कुछ समय पूर्व 8-10 की संख्या में युवकों की टोली आकर चहलकदमी मचाने लगते हैं। वहीं, सुबह से लाइन में लगे कुछ लोग जब इस बात का विरोध करते हैं तो वे धौंस जमाने में बाज नहीं आते हैं। डीबी स्टार की टीम टेल्को काउंटर पर पिछले पांच दिनों से नजर रख रही थी। टीम ने देखा कि कुछ ऐसे युवक हैं जो प्रतिदिन रिजर्वेशन कराने पहुंचते हैं। बुधवार को टीम 6:45 में टेल्को रिजर्वेशन काउंटर पहुंची। यहां कुछ ऐसे लोगों से बात हुई जो रात तीन बजे से काउंटर खुलने का इंतजार कर रहे थे। फिर भी टिकट को लेकर असमंजस में पड़े थे। कारण पूछने पर लोगों ने बताया काउंटर खुलते ही बिचौलिए धक्क-मुक्की करने लगते हैं। लिस्ट दिखाते हुए लोगों को पीछे धकेल देते हैं। टीम सच्चाई जानने के लिए काउंटर खुलने का इंतजार कर रही थी कि वहां एक व्यक्ति आ धमका और कहने लगा कि उसने जो लिस्ट बनाई गई है, वही मान्य होगी। डीबी स्टार की मौजूदगी होने की भनक लगते ही वे लोग खिसकने का प्रयास करने लगे।
सुबह 6: 45 बजे
डीबी स्टार की टीम सुबह 6:45 बजे टेल्को स्थित रेलवे रिजर्वेशन काउंटर पहुंची। काउंटर का मेन गेट बंद मिला, लेकिन कुछ लोग तत्काल टिकट लेने के वास्ते काउंटर खुलने के इंतजार में गेट के बाहर खड़े पाए गए। पूछताछ करने पर मालूम हुआ कि वे सुबह तीन बजे से कतारबद्ध होकर लाइन में लगे हैं। लोगों ने कहा कि काफी मशक्कत करने के बावजूद उन्हें टिकट मिलेगी, इस बात की गुंजाइश कम है। क्योंकि यहां रोजाना कुछ युवक गलत तरीके से लाइन में लगकर तत्काल टिकट लेते हैं। इसके बाद समय समाप्त होने का हवाला देते हुए खिड़की बंद कर दी जाती है।
सुबह 6: 50 बजे
बिचौलियों ने व्यवस्था का हवाला देते हुए ‘लिस्ट सिस्टम’ का नया चलन शुरू किया है। इस बात की जानकारी संबंधित विभाग के अधिकारियों को है, लेकिन वे कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाते हैं। लिस्ट सिस्टम शुरू करने का मतलब यह है कि जैसे-जैसे लोग आएंगे, सूची में नाम दर्ज किया जाएगा, ताकि लोगों को सूची के अनुसार टिकट लेने में सहूलियत हो। लेकिन आमलोगों के लिए यह नियम मान्य नहीं है। टीम ने जैसे ही लिस्ट की फोटोग्राफी करने की कोशिश की तो लाइन में लगे कुछ युवकों ने फोटो लेने पर कड़ी आपत्ति जताया।
सुबह 7:35 बजे
डीबी स्टार की टीम रिजर्वेशन काउंटर के पास आम लोगों से बात कर रही थी कि इतने में वहां एक व्यक्ति पहुंचा और लाइन में लगे युवकों से लिस्ट की मांग करने लगा। लाइन में खड़े रितेश ने जब कहा कि वे लोग सुबह तीन बजे से आए हुए हैं और उन्होंने सूची बनाई है। इसपर उक्त व्यक्ति ने कहा कि तुम्हारे लिस्ट बनाने से क्या होगा। कुछ लोग रात 12 बजे से लाइन में लगे हैं। इतने में कुछ युवकों ने टीम के होने का इशारा किया। टीम ने देखा कि काउंटर खुलने पर उक्त व्यक्ति वहां से नदारद मिला।
सुबह 7:50 बजे
टीम ने देखा कि रेलवे का एक बाबू आता है और भीड़ में खड़े एक व्यक्ति को चाभी देकर ताला खोलने का इशारा करते हैं। रेलवे के बाबू की नजर डीबी स्टार के छायाकार पर पड़ते ही वे सक्रिय हो जाते हैं। आनन-फानन में उक्त युवक से चाभी लेते हुए कहते हैं कि भीड़ रहने के कारण वे हमेशा ऐसा करते हैं।
क्या है तत्काल टिकट
रेल में यात्रा करने के लिए रेलवे 24 घंटे पहले लोगों के लिए आकस्मिक तौर पर तत्&काल टिकट इश्यू करती है। नियमानुसार टिकट लेने के लिए आईडी प्रूफ देना अनिवार्य होता है।
अनेक नामचीन लोग हैं शामिल
शहर के अनेक नामचीन लोग तत्काल टिकट के गोरखधंधे में शामिल हैं। वे इस काम को अंजाम देने में कुछ युवकों का सहायता लेते हैं। एक युवक से हुई बातचीत में उसने कहा कि इस खेल में काफी दबंग लोग शामिल हैं।
सीधी बात - जानकारी मिलेगी तो कार्रवाई होगी : डीआरएम, चक्रधरपुर रेल मंडल
सवाल : रेलवे रिजर्वेशन काउंटर पर दलालों का कब्जा है। क्या सही बात है
जवाब : अभी हाल ही में छापामारी हुई थी। कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। इसके बाद से थोड़ा सुधार है।
सवाल : मुख्य आरक्षण काउंटर से ज्यादा परेशानी सिटी काउंटरों में है। यहां जांच की व्यवस्था नहीं है
जवाब : सिटी काउंटर पर यदि ऐसे लोग सक्रिय हैं, तो उनपर नजर रखी जाएगी। जांच में पकड़े जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
सवाल : सिटी काउंटर पर क्या आरपीएफ की तैनाती की जाती है
जवाब : आरपीएफ को कहा गया है, कि वहां तत्काल एक स्टाफ की तैनाती करे।
तो होगी जांच
"हाल ही में ही टाटानगर रेलवे रिजर्वेशन काउंटर से दलालों की गिरफ्तारी हुई है। सिटी काउंटरों पर यदि यह खेल चल रहा है, तो तत्काल इसकी जांच होगी। लोगों को पकड़ा जाएगा। सभी सिटी काउंटर पर आरपीएफ के जवान की ड्यूटी लगाई गई है।" - अजय लिंडा, सिटी एसपी सह एसपी रेल.
मुझे जानकारी नहीं है
"लोग काउंटर के बाहर किस तरह लाइन में लगते हैं, हमें नहीं मालूम है। जो सबसे पहले आते हैं, वे पहले टिकट पाने में सफल होते हैं। लोग अपनी सहुलियत के लिए लिस्ट बनाते हैं। उसमें रेलवे कोई हस्तक्षेप नहीं करता है। हालांकि मुझे इसकी जानकारी नहीं है। जहां तक ताला खोलने की बात है, तो भीड़ रहने के कारण किसी भी व्यक्ति को चाभी दे देते हैं।" - आरसी उरांव, टिकट क्लर्क
मैं टिकट को लेकर असमंजस में हूं
"मैं सुबह तीन बजे से लाइन में खड़ा हूं। मुझे दिल्ली जाने के लिए तत्काल टिकट कराना है। टेल्को काउंटर में पहले ऐसा हाल नहीं था, अभी कुछ दिनों से यहां बिचौलिए सक्रिय हो गए हैं। उसी के अनुसार लोगों को टिकट मिलता है। मैं टिकट को लेकर असमंजस में हूं। क्योंकि खिड़की खुलते ही बिचौलिए गलत तरीके से लाइन में सबसे आगे खड़े हो जाएंगे।" - एके ओझा, यात्री
बिचौलिए रहते हैं लाइन में आगे
"तत्काल टिकट के लिए मैं रात तीन बजे से बैठा हूं। तत्काल टिकट लेने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। मैं इस काउंटर पर जब भी आता हूं, कुछ युवकों को हमेशा लाइन में खड़ा पाता हूं। आज आप लोगों की वजह से लोग कतारबद्ध खड़े हैं। वरना बिचौलिए लाइन में सबसे आगे रहते हैं।" - रितेश, यात्री
दिखाते हैं दबंगई
"टेल्को रिजर्वेशन काउंटर पर बिचौलियों का कब्जा है। वे जो चाहते हैं, वहीं होता है। सुबह के वक्त काउंटर के पास करीब आधे घंटे तक उनकी दबंगई देखी जा सकती है। आठ-दस युवक समूह में आकर लोगों को लाइन में लगने का इशारा करते हैं।" - चुन्नू कुमार, टेल्को निवासी.






