फहीम व साबिर के बिच गैंगवार : मातम और सन्नाटे के बीच सहमा रहा वासेपुर

धनबाद.बंद दुकानें, सुनसान सड़कें और चारों तरफ पुलिस। यह मंजर अंजान लोगों के लिए कौतूहल का विषय था, तो स्थानीय लोगों के लिए खौफ का। सोनू की हत्या का तनाव वासेपुर में मंगलवार को भी दिखा। आशंकाओं से भरी पुलिस के 300 जवान चौकस थे। चप्पे-चप्पे पर खाकी का पहरा था। दोनों ही गुटों के मुहल्ले में पुलिस की नजर थी।
पुलिस सुरक्षा में आया शव
पोस्टमार्टम के बाद सोनू का शव लेकर परिजन पुलिस की सुरक्षा में शमशेर नगर पहुंचे। आगे व्रजवाहन था, तो पीछे पुलिस की गाडिय़ां। इनमें डीएसपी और तीन थानों के थानेदार थे।
चीख-पुकार से गमगीन रहा माहौल
शमशेर नगर स्थित मृतक के घर पर चीख-पुकार से माहौल गमगीन रहा। पे-रोल पर जेल से बाहर आए लड्डन को देख परिजन बिलख-बिलख कर रो पड़े। लोग परिजनों को संभालने की कोशिश में लगे रहे।
चारों तरफ पुलिस का पहरा
वासेपुर में पूरे दिन पुलिस का पहरा रहा। नया बाजार से भूली मोड़ तक लाठी पार्टी तैनात थी। गश्त भी बढ़ा दी गई थी। बैंक मोड़ और भूली ओपी की पुलिस के अलावे पुलिस लाइन से रॉबोट पुलिस दस्ता भी बुलाया गया था।
आयशा का साथ, साबिर का हाथ, फहीम से बैर
वासेपुर में दो गैंग। एक फहीम का और दूसरा साबिर का। जंग लोहे के धंधे पर वर्चस्व को लेकर शुरू हुई। सवाल है कि इन गैंगस्टरों के बीच फर्नीचर का कारोबारी सोनू कहां से आ गया। सोनू की हत्या के बाद पुलिस इसी सवाल का जवाब तलाश रही है। वह सोनू की साबिर गैंग से दोस्ती और फहीम गैंग से दुश्मनी का राज जानने में जुटी है। पता करने में जुटी है कि ऐसा क्या हुआ, जो सोनू फहीम गैंग का टारगेट नंबर वन बन गया? सोनू व उसके भाई गैंगस्टर फहीम खान की हत्या की साजिश रचते पकड़े गए थे।फहीम खान के पुत्र इकबाल खान की माने तो जेल से बाहर आने के बाद सोनू ने उनसे दोस्ती के हाथ बढ़ाए थे। उनके बीच मतभेद खत्म हो गया था। अगर यह सच है तो फिर सोनू की हत्या क्यों हुई? सवाल कई हैं, जिसका जवाब पुलिस भी खोज रही है।
ऐसे शुरू हुई फहीम व सोनू की अदावत
पुलिस के मुताबिक, सोनू व फहीम गैंग पहली बार 2007 में आमने-सामने आए। आरा मोड़ के पास स्थित सोनू की फर्नीचर दुकान को फहीम ने जबरन खाली करा दिया। सोनू व उसके भाइयों ने फहीम के खिलाफ आवाज उठाई। फहीम के बेटे ने इसे मामूली बात कहा। कुछ ही सब ठीक हो गया था। दोनों गैंग को जानने वाले इसे सत्य नहीं मानते।
आयशा आगजनी कांड ने निशाने पर लाया
पुलिस के अनुसार, आयशा के घर हुई आगजनी के बाद ने सोनू उसके पक्ष में खड़ा हो गया और फहीम का विरोध किया। आयशा ने जो एफआईआर दर्ज कराई, उसमें सारे आरोपी फहीम गैंग के थे।फहीम गैंग ने इसे लेकर नाराजगी जताई। सोनू अब उनका शत्रु बन गया था।
हमें साबिर व आयशा ने फंसाया : इकबाल
फहीम के बेटे इकबाल खान ने सोनू की हत्या में शामिल होने से इनकार किया है। इकबाल ने कहा कि उन्हें और उनके परिवार को फंसाने में साबिर और आयशा खातून का हाथ है। सोमवार शाम छह बजे से बच्ची की बर्थडे पार्टी में थे। कई गेस्ट घर पर थे। इसकी वीडियो और फोटो है। सोनू से दुश्मनी नहीं थी। उसकी दुश्मनी टुन्ना खान से थी। टुन्ना खान से हमारा लेना-देना नहीं है। इकबाल ने कहा कि पुलिस जांच करे, सच्चाई सामने आ जाएगी।







