गैंग्स ऑफ वासेपुर-2 : जानिएरियल फहीम खान और रील के फैजल खान में क्या है अंतर

धनबाद.बदन पर चेक शर्ट और महंगी जींस, आंखों पर ब्रांडेड चश्मा, हाथों में रिवाल्वर और जुबां पर फिल्मी डायलॉग। गैंग्स ऑफ वासेपुर-2 में कुछ इसी अंदाज में नजर आएगा फैजल खान। फिल्म में फैजल उसी सरदार खान का बेटा है, जिसकी हत्या फिल्म के पहले भाग में कर दी जाती है।पार्ट-2 में वह अपने पिता सरदार और दादा शाहिद खान की मौत का बदला मंत्री रामाधीर सिंह और उसके छोटे बेटे जेपी सिंह से लेता है। फिल्मी फैजल खान दरअसल वासेपुर का गैंगस्टर फहीम खान है, जिसकी 90 के दशक में वासेपुर सहित पूरे धनबाद में तूती बोलती थी। हालांकि, रियल फहीम खान और रील के फैजल खान में काफी अंतर है। फैजल फिल्मों का शौकीन है, जिसे खुद में एंग्री यंगमैन अमिताभ बच्चन की छवि नजर आती हैं। उसके बोलने का अंदाज और हाव-भाव पूरी तरह से फिल्मी हैं।हकीकत में फहीम की रुचि दूर-दूर तक फिल्मों में नहीं है। फैजल फिल्म में अपना बदला लेने के लिए कई मौकों पर अपने साथियों को हुक्म देता है, जबकि फहीम के बारे में कहा जाता है कि वह अपना बदला खुद लेता था।
कुछ समानताएं भी
फिल्मी फैजल और रियल फहीम में समानताएं भी हैं। दोनों नशे के शौकीन हैं। फैजल की रग-रग में सिगरेट और गांजा बसा है। उसे सुबह-शाम नशे की लत है और नशे के बाद ही वह जुर्म करता है। पहले पार्ट में भी वह नशा करते दिखा। दूसरे भाग में वह पिता का साम्राज्य संभालने के अलावा नशा करते भी दिखेगा।असल जिंदगी में फहीम भी गांजा-सिगरेट के नशे में डूबा रहता है। उसे कई मौकों पर खुलेआम नशा करते देखा गया है। दोनों के बोलने का अंदाज भी काफी मिलता-जुलता है।दोनों काफी कम और सोच-समझ कर ही बोलते हैं।
कौन है फहीम खान
फहीम खान शफी खान का बेटा है। स्क्रैप का कारोबार करता है। उस पर रंगदारी और हत्या के कई मामले दर्ज हैं। एक मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। रेलवे में ठेकेदारी पर उसका वर्चस्व है। 1990 से 2000 के दशक तक इलाके में उसकी तूती बोलती थी। इन दिनों वह हजारीबाग के केंद्रीय कारा में सजा काट रहा है।






